ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में अपनी सेहत से जुड़ी एक चौंकाने वाली बात साझा की। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि नाक की सर्जरी में गड़बड़ी के बाद उन्हें अस्थमा और डिप्रेशन जैसी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान, जब अस्थमा के मरीजों के लिए स्थिति और भी संवेदनशील थी, तब उनकी चिंता कई गुना बढ़ गई। प्रियंका ने बताया कि यह दौर उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था और इससे उबरने में उन्हें लंबा समय लगा। उन्होंने अपनी हेल्थ स्ट्रगल को याद करते हुए कहा कि यह एक ऐसा अनुभव था।
जिसने उनकी जिंदगी पर गहरा असर डाला। प्रियंका का यह खुलासा न केवल उनकी मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अस्थमा: एक गंभीर सांस संबंधी बीमारी
अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जो सांस की नली में सूजन और रुकावट पैदा करती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो सकता है। इसके लक्षणों में लगातार खांसी, सीने में जकड़न और घरघराहट की आवाज़ शामिल हैं। ठंड के मौसम में यह समस्या और भी बढ़ सकती है। यह न केवल वयस्कों बल्कि छोटे बच्चों को भी प्रभावित करता है, इसलिए समय पर इसका सही इलाज बेहद जरूरी है।
अस्थमा से जुड़े संभावित खतरे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अस्थमा में सांस लेने में रुकावट हो सकती है, जिससे ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगती है। बढ़ता प्रदूषण, खराब जीवनशैली और अन्य बाहरी कारण अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं। डॉक्टर्स का मानना है कि इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले इसके लक्षणों और कारणों को समझना जरूरी है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
अस्थमा से बचने और इसे नियंत्रित करने के आसान तरीके
धूल और प्रदूषण से बचाव करें
पर्यावरण में मौजूद धूल, पराग, फफूंद और जानवरों के बाल अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं। जब ये तत्व शरीर में प्रवेश करते हैं, तो वायुमार्ग में सूजन आ सकती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। अगर आप अस्थमा से पीड़ित हैं, तो बाहर निकलते समय मास्क पहनें और घर को स्वच्छ रखें।
वायरल इंफेक्शन से रहें सतर्क
सर्दी और फ्लू जैसे वायरल संक्रमण अस्थमा के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। ठंडी हवा, नमी और मौसम में अचानक बदलाव से अस्थमा का अटैक बढ़ सकता है। इसलिए मौसम के अनुसार सावधानी बरतें और इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखें।
डॉक्टर्स के अनुसार, अस्थमा को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम, संतुलित आहार और सही सांस लेने की तकनीकों का अभ्यास करना जरूरी है। योग और प्राणायाम जैसी तकनीकें अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। अगर लक्षण बढ़ रहे हों, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें।
अस्थमा एक गंभीर बीमारी हो सकती है, लेकिन सही देखभाल और जीवनशैली में बदलाव से इसे नियंत्रण में रखा जा सकता है। अगर आपको अस्थमा के लक्षण महसूस होते हैं, तो जल्द से जल्द विशेषज्ञ से सलाह लें और अपनी सेहत का खास ख्याल रखें।