Netflix सीरीज 'Scoop' के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा गैंगस्टर छोटा राजन, 1 रुपये का मांगा हर्जाना

पत्रकार ज्योतिर्मय डे की जून 2011 में मुंबई में सरेआम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गैंगस्टर छोटा राजन और पत्रकार जिग्ना वोरा सहित 11 अन्य आरोपी थे। मई 2018 में राजन और आठ अन्य को दोषी ठहराया गया था, जबकि वोरा को बरी कर दिया गया था। माफिया सरगना फिलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है

अपडेटेड Jun 02, 2023 पर 1:55 PM
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Scoop: याचिका में कहा गया है कि मुआवजे के तौर पर उसे एक रुपये दिया जाए

जेल में बंद गैंगस्टर राजेंद्र निकल्जे उर्फ छोटा राजन (Chhota Rajan) ने पत्रकार ज्योतिर्मय डे हत्याकांड (Jyotirmoy Dey Murder Case) पर आधारित नेटफ्लिक्स वेब सीरीज "स्कूप (Scoop)" के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) में एक याचिका दायर की। ये सीरीज आज यानी दो जून को OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर रिलीज हो चुकी है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को "स्कूप" की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित फिल्म निर्माताओं और अन्य को नोटिस भेजकर उनसे जवाब दाखिल करने को कहा है। माफिया सरगना छोटा राजन फिलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है।

पीटीआई के मुताबिक, छोटा राजन ने कहा है कि उसकी पूर्व सहमति के बिना उसकी छवि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो मानहानि के साथ-साथ उसके निजी अधिकारों के उल्लंघन के बराबर भी है। याचिका में कहा गया है कि मुआवजे के तौर पर उसे एक रुपये दिया जाए, जबकि सीरीज से होने वाली कमाई को समाज की बेहतरी में खर्च करने का निर्देश दिया जाए। उसने अदालत से सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने और उसका ट्रेलर हटाने के आदेश का अनुरोध किया है।

डॉन ने हंसल मेहता और नेटफ्लिक्स एंटरटेनमेंट सर्विसेज इंडिया सहित सीरीज के निर्माताओं को उसके निजी अधिकारों का उल्लंघन करने से रोकने के लिए एक आदेश की भी मांग की। राजन ने साथ ही 1 रुपये मुआवजे की भी मांग की, जिसका भुगतान उसे किया जाए। इसके अलावा निर्माताओं द्वारा सीरीज के ट्रेलर के प्रसारण के माध्यम अर्जित धन को सार्वजनिक भलाई या समाज के उत्थान के लिए उपयोग लाने के लिए जमा किया जाए।


राजन ने अपनी याचिका में कहा कि मई 2023 में उसे उसकी पत्नी ने सीरीज के ट्रेलर के बारे में बताया था। याचिका में कहा गया है कि सीरीज के निर्माताओं को कभी भी राजन के नाम और छवि का उपयोग/दुरुपयोग करने, उसे किसी भी आवाज और/या किसी भी कार्यक्रम से जोड़ने की पूर्व अनुमति नहीं थी।

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याचिका में कहा गया है कि इसलिए, वादी की पूर्व सहमति प्राप्त किए बिना वादी (राजन) के व्यक्तित्व की विशेषताओं का उपयोग या दुरुपयोग, जिसमें उसका नाम, कैरिकेचर, छवि, और/या कोई अन्य प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष संदर्भ शामिल है, वादी के व्यक्तित्व के अधिकार का उल्लंघन है और साथ ही मानहानि लायक है। हाई कोर्ट की एक अवकाशकालीन पीठ याचिका पर शुक्रवार 9 जून को को सुनवाई कर सकती है।

ज्योतिर्मय डे हत्याकांड

पत्रकार ज्योतिर्मय डे की जून 2011 में मुंबई में सरेआम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में राजन और पत्रकार जिग्ना वोरा सहित 11 अन्य आरोपी थे। मई 2018 में राजन और आठ अन्य को दोषी ठहराया गया था, जबकि वोरा को बरी कर दिया गया था।

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