कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अमेरिका के वॉशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में कहा कि मुस्लिम लीग (Muslim League) पूरी तरह से सेक्युलर पार्टी है। मुस्लिम लीग के बारे में कुछ भी नॉन-सेक्युलर नहीं है। राहुल गांधी वाशिंगटन डीसी में नेशनल प्रेस क्लब पहुंचे थे, जहां उनसे केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के साथ कांग्रेस के गठबंधन के बारे में सवाल किया गया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मुस्लिम लीग पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष यानी सेक्युलर पार्टी है। इसमें कुछ भी नॉन-सेक्युलर नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस व्यक्ति ने सवाल पूछा है वह उसने मुस्लिम लीग को पढ़ा ही नहीं है। वह गुरुवार को वाशिंगटन में नेशनल प्रेस क्लब में फ्री-व्हीलिंग बातचीत के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। बता दें कि केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF गठबंधन का हिस्सा है।
राहुल गांधी के मुस्लिम लीग वाले बयान की भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने निंदा की है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, "मुस्लिम लीग को 'सेक्युलर पार्टी' कहना राहुल गांधी की मजबूरी है। अमित मालवीय ने ट्वीट कर रहा कि जिन्ना की मुस्लिम लीग, जो धार्मिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार की पार्टी है। राहुल गांधी के अनुसार एक 'सेक्युलर' पार्टी है। राहुल गांधी भले ही कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन उनका बयान कपटी और कुटिल जैसा लगता है। वायनाड में स्वीकार्यता बनाए रखने के लिए यह उनकी मजबूरी है।"
अमित मालवीय के ट्वीट का जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने लिखा, "अनपढ़ हो भाई? केरल की मुस्लिम लीग और जिन्ना की मुस्लिम लीग में फ़र्क़ नहीं मालूम? जिन्ना वाली मुस्लिम लीग वो जिस के साथ तुम्हारे पूर्वजों ने गठबंधन किया। दूसरी वाली मुस्लिम लीग वो, जिसके साथ बीजेपी ने गठबंधन किया था।"
"2024 चुनाव नतीजे करेंगे आश्चर्यचकित"
इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी पार्टियां काफी एकजुट है और जमीन पर काफी अच्छा काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक छिपा हुआ अंडर करंट पैदा हो रहा है और यह अगले लोकसभा चुनाव में लोगों को आश्चर्यचकित करेगा। राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि भारत में संस्थानों और मीडिया को सत्ता ने कब्जे में ले लिया है। कर्नाटक का परिणाम सबने देखा, अब आगामी विधानसभा चुनावों के नतीजे इस बात के 'संकेत' होंगे कि आगे क्या होने वाला है। लोगों के भीतर गुस्सा है।
राहुल गांधी ने नेशनल प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "संस्था और प्रेस पर निश्चित रूप से सत्ता का कब्जा है। मुझे यकीन नहीं है कि... मैं जो कुछ भी सुनता हूं, उस पर विश्वास नहीं करता। मैं पूरे भारत में घूमा, कन्याकुमारी से पैदल चला, कश्मीर तक पहुंचा और लाखों भारतीयों से सीधे बात की और वे बहुत खुश नहीं दिख रहे हैं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "लोग बहुत स्पष्ट रूप से कह रहे थे कि वे बेरोजगारी, मूल्यवृद्धि के मुद्दों को लेकर चिंतित हैं और मैंने लोगों में गुस्सा देखा। कर्नाटक चुनाव में लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया और अगले तीन से चार चुनावों को देखना है। यह एक संकेतक होगा कि आगे क्या होने जा रहा है।" बता दें कि राहुल अमेरिका की छह दिवसीय यात्रा पर हैं।
उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा, "हम जमीन पर जो देखते हैं वह बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और कीमतों में नाटकीय वृद्धि है और यह एक कारण है कि हम कर्नाटक में जीते, क्योंकि भारत में यह भावना है कि ऐसे लोगों के एक समूह को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनके पास बड़ी मात्रा में संपत्ति है और दूसरी ओर बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो गरीब हैं और जरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।"
राहुल गांधी ने कहा, "आय में भारी असमानता है, क्योंकि बेरोजगारी 40 साल के उच्चतम स्तर पर है। इसलिए यह कहना कि अर्थव्यवस्था अच्छा कर रही है, मैं इससे सहमत नहीं हूं।" उन्होंने कहा कि हम (कांग्रेस) इसे कैसे देखते हैं और भाजपा कैसे देखती है, इसके बीच मुख्य अंतर है। पूर्व सांसद ने कहा, "हम शक्ति के विकेंद्रीकरण में विश्वास करते हैं, हम छोटे और मध्यम उद्योगों में विश्वास करते हैं, क्योंकि भारत में वे ही विकास के इंजन हैं।"
केरल की मुस्लिम लीग और जिन्ना की मुस्लिम लीग में फ़र्क़ नहीं मालूम?
जिन्ना वाली मुस्लिम लीग वो जिस के साथ तुम्हारे पूर्वजों ने गठबंधन किया।
दूसरी वाली मुस्लिम लीग वो, जिसके साथ भाजपा ने गठबंधन किया था : https://t.co/IYdznQeS5Y https://t.co/Hiph3cRSAo