Abhijeet Bhattacharya on AR Rahman: हिंदी सिनेमा के मशहूर गायक अभिजीत भट्टाचार्य अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान की आलोचना की, जिससे वह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। बता दें अभिजीत ने एआर रहमान ने एक साथ साल 1999 में आई फिल्म 'दिल ही दिल में' में 'ऐ नजनीन सुनो ना' गाना गाया था।
हाल ही हुए एक इंटरव्यू में अभिजीत ने ए आर रहमान के साथ अपने काम के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उनके देर रात रिकॉर्डिंग की आदत और काम में देरी से वह बिल्कुल भी खुश नहीं थे।
अभिजीत भट्टाचार्य ने क्या कहा
बॉलीवुड ठिकाना को दिए एक इंटरव्यू में अभिजीत भट्टाचार्य ने बताया की उन्होंने ए आर रहमान सिर्फ एक बार काम क्यों किया। अभिजीत भट्टाचार्य ने बताया, वह उस समय अपने करियर के पीक पर थे और अनु मलिक और जतिन-ललित जैसे बड़े संगीतकारों के कॉल्स पर गाने रिकॉर्ड कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह अक्सर रिकॉर्डिंग में बिजी रहते थे। उस समय उनको ए आर रहमान के लिए इंतजार भी करना पड़ा था।
'मुझे रात 2 बजे स्टूडियो बुलाया गया'
ए आर रहमान के साथ अपने काम के एक्सपीरियंस को याद करते हुए अभिजीत ने कहा, "मुझे रात 2 बजे स्टूडियो आने के लिए कॉल आया। क्या मैं पागल हूं? मैंने कहा कि मैं सो रहा हूं। जब मैं सुबह स्टूडियो पहुंचा, तो वह वहां पर नहीं थे। उनके काम में नियमित समय का कोई नियम नहीं है। मैं हमेशा व्यवस्थित तरीके से काम करता हूं। अब अगर क्रिएटिव के नाम पर कहा जाए कि रिकॉर्डिंग 3:33 बजे होगी, तो मुझे यह बात बिल्कुल भी समझ नहीं आती।"
स्टूडियो में नहीं थे एआर रहमान
अभिजीत ने बताया कि जब रिकॉर्डिंग के समय एआर रहमान खुद स्टूडियो में मौजूद नहीं थे। उनकी जगह उनके एक असिस्टेंट ने गाने की रिकॉर्डिंग की पूरी की, यह अभिजीत को अच्छा नहीं लगा। हालांकि,'ऐ नजनीन सुनो ना' गाना काफी सफल हुआ थी। इस गाने की सफलता का श्रेय अभिजीत ने एआर रहमान को दिया। अभिजीत ने यह भी कहा, "ऐसी बातों से किसी कलाकार का कद बड़ा या छोटा नहीं होता।"
इससे पहले, अभिजीत ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने एक समय के बाद शाहरुख खान के लिए गाना क्यों छोड़ दिया। अभिजीत ने कहा, उन्हें उनके काम का उचित श्रेय नहीं मिलने की वजह से शाहरुख के लिए गाना छोड़ दिया।