The Kashmir Files Controversy: द कश्मीर फाइल्स को 'अश्लील प्रोपेगेंडा' फिल्म बताने वाले कौन हैं इजरायल के डायरेक्टर नदाव लपिड?
The Kashmir Files Controversy: भारत के 53वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के जज पैनल के हेड नदाव लपिड (Nadav Lapid) ने सोमवार रात गोवा में समापन समारोह में द कश्मीर फाइल्स को "प्रोपेगेंडा फिल्म" (Propaganda Film) और "अश्लील" (Vulgar) करार दिया था
The Kashmir Files Controversy: इजरायल के डायरेक्टर नदाव लपिड
The Kashmir Files Controversy: इजरायल (Israel) के फिल्म डायरेक्टर नदाव लपिड (Nadav Lapid) द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) की आलोचना करने के बाद विवादों में आ गए हैं। भारत के 53वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के जज पैनल के हेड लपिड ने सोमवार रात गोवा में समापन समारोह में द कश्मीर फाइल्स को "प्रोपेगेंडा फिल्म" (Propaganda Film) और "अश्लील" (Vulgar) करार दिया था। IFFI 2022 के अपने भाषण में, डायरेक्टर ने कहा कि वह इस फेस्टिवल में फिल्म की स्क्रीनिंग देखकर "परेशान और हैरान" हैं।
उनके इस बयान की भारत में इजरायली दूत नोर गिलोन ने निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत ने लपिड को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवाल के जूरी की अध्यक्षता करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन उन्होंने इस निमंत्रण का गलत इस्तेमाल किया।
11 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई द कश्मीर फाइल्स IFFI में इंडियन पैनोरमा सेक्शन का हिस्सा थी और 22 नवंबर को इसकी स्क्रीनिंग हुई थी।
विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने इस फिल्म को लिखा लिखा और डायरेक्ट किया है। Zee Studio इसे प्रोड्यूज किया है। फिल्म में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की तरफ से एक समुदाय के लोगों की हत्याओं के बाद कश्मीर से कश्मीरी हिंदुओं के पलायन को दर्शाया गया है।
नदाव लपिड कौन है?
47 साल के नदाव लपिड एक इजरायली स्क्रीन राइटर और फिल्म डायरेक्टर हैं। उनका जन्म तेल अवीव, इजरायल में 8 अप्रैल, 1975 को लेखक हैम लपिड और फिल्म एडिटर एरा लपिड के घर हुआ था। फिल्म डायरेक्टर अशकेनाज़ी यहूदी वंश के हैं।
लपिड ने तेल अवीव यूनिवर्सिटी में दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की और इजरायल डिफेंस फोर्स में सेवा करने के लिए चले गए। सेना में अपना टर्म पूरा करने के बाद, वे पेरिस चले गए।
लपिड बाद में यरुशलम में सैम स्पीगल फिल्म एंड टेलीविजन स्कूल में डिग्री हासिल करने के लिए इजरायल लौट आए। फिल्म मेकिंग में उनका करियर 2011 में 'पुलिसमैन' के साथ शुरू हुआ। उनकी इस फीचर फिल्म ने उस साल लोकार्नो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में लोकार्नो फेस्टिवल स्पेशल ज्यूरी प्राइज जीता था।
उनकी 2014 की फिल्म 'द किंडरगार्टन टीचर' को 2014 इंटरनेशनल क्रिटिक्स वीक में दिखाया गया था। मैगी गिलेनहाल के साथ इसका अंग्रेजी में रीमेक किया गया था।
लपिड को 2019 में आई उनकी फिल्म 'सिनोनिम्स' से काफी प्रसिद्धी मिली। उन्होंने फरवरी 2019 में 69वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में गोल्डन बियर पुरस्कार जीता था।
उनकी 2021 की फिल्म 'अहेड्स नी' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इसका प्रीमियर Cannes में हुआ, जहां इसने जूरी पुरस्कार जीता।
अपने नाम और काम के चलते, लपिड कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के जूरी में शामिल रहे। वह 2016 के Cannes फिल्म फेस्टिवल के इंटरनेशनल क्रिटिक्स वीक सेक्शन के जूरी के सदस्य थे। वह 2021 में 71वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 'आधिकारिक प्रतियोगिता' जूरी के सदस्य भी थे।
द कश्मीर फाइल्स पर उनके बयान को लेकर डायरेक्टर की निंदा करते हुए अपने खुले पत्र में, इजरायल के राजदूत नोर गिलोन ने लिखा, "इजरायल में आप जो नापसंद करते हैं, उसकी आलोचना करने के लिए आप अपनी स्वतंत्रता का इस्तेमाल करें, लेकिन दूसरे देशों पर अपनी हताशा को दिखाने की जरूरत नहीं है।"
वहीं भारत में इजराइल के महावाणिज्य दूत कोबी शोशनी ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर लपिड की टिप्पणियों से दूरी बनाते हुए मंगलवार को कहा कि इस फिल्म पर वाद-विवाद से भारत और इजराइल के बीच संबंध मजबूत होंगे।
शोशनी ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक्टर अनुपम खेर (Anupam Kher) के साथ मंच साझा करते हुए कहा कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ प्रोपेगेंडा नहीं है, बल्कि एक ‘‘मजबूत फिल्म’’ है, जो कश्मीरी लोगों की पीड़ा को दिखाती है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "सुबह सबसे पहले मैंने अपने मित्र अनुपम खेर से माफी मांगने के लिए उन्हें फोन किया। ऐसे भाषण के लिए माफी मांगी, जो किसी की निजी राय है। लपिड की टिप्पणियों का इजराइल सरकार से आधिकारिक और अनाधिकारिक रूप से कोई लेना-देना नहीं है।" उन्होंने सोमवार शाम को ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा था कि उनकी इस फिल्म पर लपिड से अलग राय है।