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G20 Summit के लिए दिल्ली में सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था, पहली बार तैनात होंगे NSG के 'ब्लैक कैट' कमांडो

G20 Summit 2023: भारत की अगुवाई में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 9-10 सितंबर को होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के लिए अब सिर्फ 10 दिन रह गए हैं। ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। भारतीय वायु सेना, दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और NSG के ब्लैक कैट कमांडो इस हाई-प्रोफाइल समिट की सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में चारों तरफ तैनात किए गए हैं

Akhileshअपडेटेड Aug 30, 2023 पर 11:10 AM
G20 Summit के लिए दिल्ली में सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था, पहली बार तैनात होंगे NSG के 'ब्लैक कैट' कमांडो
G20 Summit 2023: दिल्ली में 9-10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन होना है

G20 Summit 2023: भारत की अगुवाई में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 9-10 सितंबर को होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के लिए अब सिर्फ 10 दिन रह गए हैं। ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। भारतीय वायु सेना, दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और NSG के ब्लैक कैट कमांडो इस हाई-प्रोफाइल समिट की सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में चारों तरफ तैनात किए गए हैं। सूत्रों ने News18 को बताया कि सचिव (सुरक्षा) ने मंगलवार को दिल्ली में होने वाली जी20 समिट के सुरक्षा पहलुओं को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को सभी सुरक्षाबलों से मुलाकात की।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के ब्लैक कैट कमांडो ने जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के मद्देनजर प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिछले कुछ हफ्तों के दौरान सुरक्षा अभ्यास किए। CRPF के पास VIP मेहमानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होगी। जबकि SSB वीआईपी के जीवनसाथी को सुरक्षा प्रदान करेगी। वहीं, NSG की सभी यूनिट्स को आतंकवाद विरोधी गतिविधियों, तोड़फोड़ विरोधी, ड्रोन विरोधी और सीबीआरएन (रासायनिक, जैविक, विकिरण और परमाणु) जैसी किसी भी इमरजेंसी स्थिति के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, NSG की प्रसिद्ध 'ब्लैक कैट' को कई रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा जो किसी भी हमले की स्थिति में मिनटों में प्रतिक्रिया देंगे। पूरी तरह से सुसज्जित NSG टीमें उन स्थानों पर तैनात रहेंगी जहां दुनिया के राष्ट्र प्रमुख रुकेंगे। इसके अलावा NSG ड्रोन खतरे का भी मुकाबला करेगा, जिसके लिए टीम को दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर तैनात किया जाएगा। इससे निपटने के लिए उन्हें ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

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