G20 Summit: शेरपा अमिताभ कांत ने कहा-लगभग तैयार है दिल्ली लीडर्स का डिक्लरेशन

भारत के G20 Sherpa Amitabh Kant ने कहा है कि द न्यू दिल्ली लीडर्स डिक्लरेशन "लगभग तैयार" है। कांत ने 8 सितंबर को नई दिल्ली में कहा G20 के लिए दिल्ली में आये हुए सदस्य देशों के लीडर्स का एक संयुक्त स्टेटमेंट लगभग तैयार है। इस घोषणा की लीडर्स को सिफारिश की जाएगी और लीडर्स ही इसे स्वीकार करेंगे

अपडेटेड Sep 08, 2023 पर 6:29 PM
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विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि आम सहमति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सभी देशों, मौजूद सभी प्रतिनिधिमंडलों द्वारा एक मजबूत प्रयास किया जा रहा है

G20 Summit: भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत (G20 Sherpa Amitabh Kant) ने कहा है कि द न्यू दिल्ली लीडर्स डिक्लरेशन "लगभग तैयार" है। इसे मंजूरी के लिए G20 नेताओं के समक्ष रखा जायेगा। अमिताभ कांत ने 8 सितंबर को नई दिल्ली में कहा कि Our New Delhi Leaders' डिक्लरेशन यानी कि G20 के लिए दिल्ली में आये हुए सदस्य देशों के लीडर्स का एक संयुक्त स्टेटमेंट लगभग तैयार है। मैं इस पर अधिक बोलना नहीं चाहूंगा क्योंकि इस घोषणा की लीडर्स को सिफारिश की जाएगी। लीडर्स ही इसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि "लीडर्स द्वारा इसे स्वीकार किए जाने के बाद ही हम इस घोषणा की वास्तविक उपलब्धियों के बारे में बात कर पायेंगे।"

कांत, विदेश सचिव विनय क्वात्रा (foreign secretary Vinay Kwatra), आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ (economic affairs secretary Ajay Seth) और चीफ G20 कोऑर्डिनेटर हर्ष वर्धन श्रृंगला के साथ 9 सितंबर को नेताओं के शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले ग्लोबल मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

यूक्रेन संकट


कांत की टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब G20 सदस्यों को एक साथ लाने और एक संयुक्त बयान या विज्ञप्ति जारी करने की भारत की क्षमता के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि इस समय विश्व व्यवस्था यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के कारण गंभीर रूप से बंटी हुई है।

अमेरिका जैसे दुनिया के अग्रणी देश रूस के आक्रमण की कड़ी निंदा करना चाहते हैं। जबकि मॉस्को ने इस मुद्दे पर पीछे हटने से इनकार कर दिया है। रूस ने कहा है कि उसकी कार्रवाई की निंदा करने वाले या उसके नजरिये को नहीं बताने वाले किसी भी संयुक्त बयान का वह विरोध करेगा।

जब लीडर्स की प्रस्तावित घोषणा का स्वरूप जानने के लिए उन पर जोर दिया गया, तो कांत ने कहा कि वह डिटेल्स नहीं बता सकते क्योंकि वह केवल भारत के लीडर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के शेरपा हैं। बता दें कि शेरपा देश के प्रमुख या सरकार के प्रमुख का निजी प्रतिनिधि होता है। ये वार्षिक G7 और G20 शिखर सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में देश के प्रमुख की तरफ से तैयारी करता है।

कांत ने कहा कि शेरपाओं ने सिफारिशें अपने लीडर्स को दी हैं। ये अत्यंत गोपनीय दस्तावेज हैं जिन पर लीडर्स की मंजूरी मिलनी जरूरी है। उन लीडर्स द्वारा स्वीकार कर लिये जाने के बाद ये पब्लिक डॉक्यूमेंट हो जायेंगे।

उन्होंने कहा कि डिक्लरेशन में ग्लोबल साउथ यानी की पिछड़े देशों और विकासशील देशों की चिंताओं को जगह दी जायेगी। ग्लोबल साउथ और विकासशील देशों की चिंताओं को उठाने वाला अब तक ये सबसे मजबूत दस्तावेज होगा।

चीन का विरोध

चीन भी किसी भी डेट रिलेटेड एग्रीमेंट यानी कि कर्ज से जुड़े समझौते के प्रमुख घटक के खिलाफ है। सूत्रों का कहना है कि जी20 "क्लाइमेट रेजिलेंट फीचर्स" पर जोर दे रहा है।

गरीब और कमजोर मध्यम आय वाले देशों को कर्ज देने वाले चीन का ऐसे देशों द्वारा कर्ज राहत की मांग का विरोध करना "लगभग अमानवीय होता जा रहा है"।

रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय राष्ट्रपति ने एक बयान का प्रस्ताव दिया है जो यूक्रेन में युद्ध की निंदा करता है। लेकिन इसमें दूसरे प्रेसिडेंट को समरी जारी करने से बचने के लिए रूस और चीन के विचार भी शामिल किये गये हैं।

8 सितंबर को ब्रीफिंग में बोलते हुए, विदेश सचिव क्वात्रा ने कहा कि भारतीय राष्ट्रपति को उम्मीद है कि G20 के सभी सदस्य आम सहमति की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा, उनका फोकस G20 की प्राथमिकताओं पर आम सहमति बनाने पर था।

क्वात्रा ने कहा, "हमें बहुत खुशी है कि आम सहमति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सभी देशों, मौजूद सभी प्रतिनिधिमंडलों द्वारा एक मजबूत प्रयास किया जा रहा है।"

 

 

 

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