Gyanvapi Mosque Case: ज्ञानवापी पर वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला, व्यास जी के तहखाने में हिंदू पक्ष को मिला पूजा का अधिकार

Gyanvapi Mosque Case: वाराणसी कोर्ट ने हिंदू पक्ष को ज्ञानवापी मस्जिद के सीलबंद तहखाने (व्यास जी तहखाना) के अंदर नियमित पूजा-अर्चना करने की अनुमति दे दी है। हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा-पाठ करने की अनुमति दी है

अपडेटेड Jan 31, 2024 पर 3:53 PM
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Gyanvapi Mosque Case: वाराणसी कोर्ट ने हिंदू पक्ष को पूजा करने का अधिकार दे दिया है

Gyanvapi Mosque Case: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। वाराणसी की एक अदालत ने बुधवार को हिंदू भक्तों को ज्ञानवापी मस्जिद (Varanasi Gyanvapi mosque) के सीलबंद तहखाने के अंदर पूजा करने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने हिंदू पक्ष को ज्ञानवापी मस्जिद के सीलबंद तहखाने (व्यास जी तहखाना) के अंदर नियमित पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी है।

हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा-पाठ करने की अनुमति दी है। वकील ने बताया कि ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ कराने का कार्य काशी विश्वनाथ ट्रस्ट करेगा।

अदालत ने दिन की शुरुआत में अपनी सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन को अगले सात दिनों में इसके लिए आवश्यक व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया।


ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा, "...पूजा 7 दिनों के भीतर शुरू होगी। सभी को पूजा करने का अधिकार होगा।" जैन ने कहा, "हिंदू पक्ष को 'व्यास का तहखाना' में पूजा करने की इजाजत दी गई। जिला प्रशासन को 7 दिन के अंदर व्यवस्था करनी होगी।"

हिंदू पक्ष के दूसरे वकील मदन मोहन यादव ने पीटीआई से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने तहखाने में पूजा पाठ करने का अधिकार व्यास जी के नाती शैलेंद्न  पाठक को दे दिया है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन 7 दिन के अंदर पूजा-पाठ कराने की व्यवस्था करेगा और पूजा कराने का कार्य काशी विश्वनाथ ट्रस्ट करेगा। यादव ने बताया कि ज्ञानवापी के सामने बैठे नंदी महाराज के सामने से रास्ता खोला जाएगा।

'मंदिर के अवशेषों पर बनी थी ज्ञानवापी मस्जिद'

शंकर जैन ने कहा कि भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) की सर्वेक्षण रिपोर्ट से संकेत मिला है कि ज्ञानवापी मस्जिद वहां पहले से मौजूद एक पुराने मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई थी। जैन ने बताया कि ASI की 839 पन्नों वाली सर्वेक्षण रिपोर्ट की कॉपी अदालत द्वारा संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई हैं।

जैन ने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि मस्जिद पूर्व में मौजूद मंदिर को तोड़कर उसके अवशेषों पर बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट में मंदिर के अस्तित्व के पर्याप्त सबूत मिलने की बात कही गई, जिस पर मस्जिद का निर्माण किया गया था।

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वाराणसी में प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर पर ASI सर्वेक्षण रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों सहित कुल 11 लोगों ने अदालत में आवेदन किया था।

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