स्वयंभू बाबा सूरज पाल उर्फ 'भोले बाबा', जिन्हें हरि साकार के नाम से भी जाना जाता है, उनके शिष्यों को हाथरस ले जाने वाली सैकड़ों बसों में से दो बसें उत्तर प्रदेश से लगभग 400 किलोमीटर दूर, रायबरेली जिले से थीं। इनमें से एक बस में 65 साल के छेदी लाल थे, जो अपनी 34 साल की बेटी रूबी और अपने 5 साल के बेटे के साथ सत्संग में भाग ले रहे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद अनुयायी बाबा के पैर छूने के लिए टेंट से बाहर निकलने लगें। बताया जाता है कि करीब 2.50 लाख लोग सत्संग में पहुंचे थे। बाबा के पैर छूने की कोशिश में ही भगदड़ मच गई। मंगलवार को हाथरस में हुई दुखद भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए।
