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हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और लैंडस्लाइड से 13 की मौत, 40 लोग लापता, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

Himachal Pradesh Cloudbursts: हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई को बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई थी। इससे राज्य की करीब 87 सड़कें बंद हो गई थीं। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 40 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने आज फिर से सूबे में भारी बारिश की आशंका जताई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 05, 2024 पर 11:46 AM
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और लैंडस्लाइड से 13 की मौत, 40 लोग लापता, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
Himachal Pradesh Cloudbursts: राहत और बचाव कार्य में सेना, NDRF, SDRF, ITBP, और CISF के जवान जुटे हुए हैं।

हिमालच प्रदेश के लोग पिछले कई दिनों से कुदरत की मार झेल रहे हैं। राज्य में 31 जुलाई को बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आईं थी। राज्य में बादल फटने से 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 40 लाग लापता बताए जा रहे हैं। कल (4 अगस्त 2024) मंडी और शिमला जिले में 4 शव बरामद किए गए हैं। 31 जुलाई की रात में कुल्लू के निरमंड, सैंज, मलाणा, मंडी जिले के पधर और शिमला के रामपुर में बादल फटने की कई घटनाएं सामने आई थी। इससे भारी तबाही मच गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि मंडी जिले के पधर के राजभान गांव से सोनम (23 और मानवी (3 महीने) के शव बरामद किए गए हैं। शाम को रामपुर में सतलुज नदी के किनारे ढकोली के पास दो और शव मिले। शिमला के एसपी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि इन शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

राहत और बचाव कार्य जारी

राहत और बचाव कार्य बड़े पैमाने पर चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बचाव के लिए जेसीबी मशीनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। खोजी कुत्तों का दस्ता, ड्रोन अन्य उपकरणों के जरिए खोज अभियान जारी है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शिमला और कुल्लू की सीमा पर स्थित तीन गांवों - समेज, धारा सरदा और कुशवा में प्राकृतिक आपदा के बाद से बिजली अभी तक नहीं आई है। बचाव कार्य में सेना, NDRF, SDRF, ITBP, CISF, हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड की टीमों के 410 लोग बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। इसमें 4 और जेसीबी मशीनों को लगाया गया है। ताकि बचाव अभियान में तेजी लाई जा सके। सरपारा के उप-प्रधान सी एल नेगी ने बताया कि पानी का बहाव अब कम हो गया है। ऐसे में जेसीबी मशीनें वहां भी पहुंच सकती है, जहां लापता लोगों के मिलने की संभावना ज्यादा है।

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