Himachal Pradesh Flood: हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की तबाही से 8,000 करोड़ रुपए का नुकसान, 70,000 टूरिस्ट को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया

Himachal Pradesh Flood: CM सुक्खू ने यहां जारी एक बयान में कहा कि राज्य में फंसे लगभग 70,000 पर्यटकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया, जबकि 15 हजार वाहनों को बाहर भेजा गया। लगभग 500 पर्यटकों ने अपनी इच्छा से यहीं रूकने का फैसला किया। कुल्लू जिले के कसोल, मणिकरण और आसपास के अन्य इलाकों में फंसे कुछ टूरिस्ट ने अपने वाहनों के बिना यहां से जाने से इनकार कर दिया है

अपडेटेड Jul 15, 2023 पर 11:11 PM
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Himachal Pradesh Flood: हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की तबाही से 8,000 करोड़ रुपए का नुकसान (PHOTO-AP)

Himachal Pradesh Flood: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने शनिवार को कहा कि भारी बारिश (Heavy Rains) के चलते राज्य को लगभग 8,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र के अनुसार, शुक्रवार रात तक यह नुकसान लगभग 4,000 करोड़ रुपए का था और सुक्खू ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से 2,000 करोड़ रुपए की अंतरिम राहत राशि मांगी है।

सुक्खू ने यहां जारी एक बयान में कहा कि राज्य में फंसे लगभग 70,000 पर्यटकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया, जबकि 15 हजार वाहनों को बाहर भेजा गया। लगभग 500 पर्यटकों ने अपनी इच्छा से यहीं रूकने का फैसला किया।

कुल्लू जिले के कसोल, मणिकरण और आसपास के अन्य इलाकों में फंसे कुछ टूरिस्ट ने अपने वाहनों के बिना यहां से जाने से इनकार कर दिया है और स्थिति सामान्य होने और सभी सड़कें खुलने तक यहीं रुकने का फैसला किया है।


कसोल-भुंटर मार्ग पर डुंखरा के पास भूस्खलन के कारण वाहन फंस गए और पर्यटकों को दूसरी ओर जाने के लिए पैदल चलना पड़ा। राज्य सरकार ने कहा कि इन पर्यटकों का ध्यान रखा जा रहा है।

बयान में कहा गया है कि आपदा प्रभावित 80 प्रतिशत क्षेत्रों में बिजली, पानी और दूरसंचार सेवाएं अस्थायी रूप से बहाल कर दी गई हैं और शेष क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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हिमाचल सड़क परिवहन निगम (HRTC) की बस सर्विस 899 रूट पर बंद है और 256 बसों को बीच रास्ते में रोक दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि HRTC को 5.56 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

इस बीच, मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय ने 15 से 17 जुलाई तक लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के 12 जिलों में से 10 में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही, इसने भूस्खलन, अचानक बाढ़ आने, और नदियों व नालों के जलस्तर में वृद्धि का अनुमान भी जताया है।

मौसम कार्यालय ने 18 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट जारी किया है और 21 जुलाई तक राज्य में बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।

राज्य में जुलाई में अब तक 284.1 मिलीमीटर(mm) बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश यानी 110.4 मिलीमीटर से 157 प्रतिशत ज्यादा है।

राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से भारी बारिश जारी है, धर्मशाला में 131 mm बारिश हुई। वहीं, पालमपुर में 51 मिमी, सुंदरनगर और नाहन (दोनों में 45-45 mm), कांगड़ा (27 mm), मंडी और नारकंडा, प्रत्येक में 16 mm बारिश हुई।

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