Delhi Flood: बाढ़ से निपटने के लिए CM केजरीवाल ने मंत्रियों के सौंपी इलाकों की जिम्मेदारी, बोले- स्थिति में हो रहा सुधार
Delhi Flood: मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार नयी व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री ने दक्षिण पूर्व जिले की जिम्मेदारी गृहमंत्री कैलाश गहलोत को , पूर्वी दिल्ली की जिम्मेदारी भारद्वाज को, पूर्वोत्तर दिल्ली जिले की जिम्मेदारी लोक निर्माण मंत्री आतिशी को तथा उत्तरी जिले की जिम्मेदारी समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद को दी है
Delhi Flood: बाढ़ से निपटने के लिए CM केजरीवाल ने मंत्रियों के सौंपी इलाकों की जिम्मेदारी
Delhi Flood: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक की और दिल्ली सरकार (Delhi Government) की तरफ से बनाए गए राहत कैंप में उपयुक्त सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए बाढ़ (Flood) प्रभावित जिलों में मंत्रियों की तैनाती की। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि शीघ्र ही अधिकारियों के लिए संबंधित मंत्रियों को रिपोर्ट करने, उनके साथ समन्वय और सहयोग करने के लिए आदेश जारी किए जाएंगे, ताकि बाढ़ राहत शिविरों में भोजन-पानी, शौचालय और बिजली जैसी समुचित सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार नयी व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री ने दक्षिण पूर्व जिले की जिम्मेदारी गृहमंत्री कैलाश गहलोत को , पूर्वी दिल्ली की जिम्मेदारी भारद्वाज को, पूर्वोत्तर दिल्ली जिले की जिम्मेदारी लोक निर्माण मंत्री आतिशी को तथा उत्तरी जिले की जिम्मेदारी समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद को दी है।
इस बयान के मुताबिक नागरिक आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन मध्य दिल्ली, जबकि पर्यावरण मंत्री गोपाल राय शाहदरा जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बयान में कहा गया है, "हर मंत्री अपने संबंधित जिलों में राहत शिविरों में खाने-पीने, बिजली, दवाइयों एवं अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह और जिम्मेदार होंगे।"
इससे पहले दिन में मुख्य सचिव नरेश कुमार ने जिलाधिकारियों और उपसंभागीय मजिस्ट्रेट की मदद कर बचाव, राहत एवं पुनर्वास कार्य को मजबूती प्रदान करने के लिए वरिष्ठ आईएएस एवं दानिक्स अधिकारियों की तैनाती का आदेश जारी किया था।
बचाव और राहत कार्य से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों में अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के गुप्ता, वित्त सचिव ए सी वर्मा और सेवा सचिव ए के सिंह शामिल हैं।
भारद्वाज ने बताया कि जिला स्तरीय अधिकारी मंत्री को रिपोर्ट करेंगे और उनसे ही निर्देश लेंगे। उन्होंने कहा कि जिन मंत्रियों को जो जिले सौंपे गये हैं, वे उन जिलों में तत्परता से काम कर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रभावित लोगों को जरूरी सहयोग एवं सहायता प्राप्त हो।
अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ बैठक के दौरान केजरीवाल ने बाढ से उत्पन्न स्थिति पर विभिन्न विभागों की रिपोर्ट देखी और उनपर गहनता से चर्चा की।
'स्थिति में सुधार हो रहा है'
इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है और अगर अब भारी बारिश नहीं हुई, तो स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी, लेकिन उन्होंने कहा कि बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। दिल्ली सरकार के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ग्रस्त इलाकों में स्थिति में सुधार हो रहा है।
हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो दिन शहर में मध्यम स्तर की बारिश और अगले पांच दिनों के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व उत्तर प्रदेश में “भारी से बहुत भारी” स्तर की बारिश होने का अनुमान जताया है।
केंद्रीय जल आयोग के बाढ़-निगरानी पोर्टल के अनुसार, शनिवार शाम सात बजे तक यमुना का जल स्तर घटकर 206.87 मीटर हो गया, जो बृहस्पतिवार रात आठ बजे 208.66 मीटर था। शनिवार को सुबह सात बजे जलस्तर 207.62 मीटर था।
पिछले दो दिनों में हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज से प्रवाह दर कम होने के साथ, और गिरावट की उम्मीद है। हालांकि, यमुना का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है।
शहर में सामान्य जल आपूर्ति, जो डब्ल्यूटीपी में बाढ़ के कारण प्रभावित हुई थी, रविवार को बहाल होने की संभावना है क्योंकि मुख्यमंत्री ने कहा कि वजीराबाद और चंद्रावल में जल उपचार संयंत्र (WTB) रविवार तक शुरू हो जाएंगे।
राष्ट्रीय राजधानी में वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कई सड़कें शनिवार को खोल दी गईं, हालांकि कुछ सड़क हिस्सों पर यातायात नियम अभी भी प्रभावी हैं।