होली वसंत ऋतु के सबसे आनंदमय त्योहारों में से एक है जो पूरे भारत में मनाया जाता है। होली को रंगों का त्योहार भी कहा जाता है। होली एक प्राचीन और सबसे लोकप्रिय हिंदू त्योहारों में से एक है। होली का उत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत और भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम का प्रतीक है। इस साल होली हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा 8 मार्च बुधवार को मनाई जाएगी।
होली की तारीख, समय और शुभ मुहूर्त
द्रिकपंचांग के अनुसार होली प्रतिपदा तिथि 8 मार्च बुधवार को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 6 मार्च को शाम 4:17 बजे से 7 मार्च को शाम 6:09 बजे तक रहेगी जबकि प्रतिपदा तिथि मार्च को 6:09 बजे शुरू होगी। 7 और 8 मार्च को शाम 7:42 बजे तक जारी रहेगी। छोटी होली या होलिका दहन 7 मार्च को शाम को मनाया जाएगा। होलिका दहन मनाने के लिए एक लकड़ियों को इकट्ठा कर मनाया जाता है। ये बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह होली के त्योहार की शुरुआत का भी प्रतीक है।
होलिका दहन मुहूर्त 7 मार्च को शाम 06 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर रात 08 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
होली रंगों से खेलकर मनाई जाती है। यह त्योहार भगवान कृष्ण और देवी राधा को समर्पित है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार होली राधा और गोपियों के लिए भगवान कृष्ण के दिव्य प्रेम का उत्सव है। उत्तर प्रदेश के वृंदावन और बरसाना में होली पर बड़ा उत्सव होता है। वृंदावन राधा का जन्म स्थान माना जाता है।
लोग रंगों से खेलते हैं, पानी के गुब्बारे फेंकते हैं और एक दूसरे पर रंग वाला पानी फेंकते हैं। होली के दिन अच्छे खाने और मिठाइयों का आनंद लेते हैं। होली का त्योहार आनंद, एकता और प्रेम का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने पुराने मतभेद भुलाकर आपस में मिल जाते हैं और एक साथ जश्न मनाते हैं।