भारत और चीन (India-China) के विदेश मंत्रियों की गुरुवार को इंडोनिशया के बाली में मुलाकात हुई। इस दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) से कहा कि दोनों देशों ने अपने मतभेदों को काफी प्रभावी तरीके से संभाला और नियंत्रित किया है। वांग ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध में आममतौर पर सुधार में गति दिखी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
बता दें कि इंडोनेशिया के बाली में जी-20 देशों के नेताओं की बैठक हैं। इसी दौरान एक अलग कार्यक्रम दोनों नेताओं ने एक दूसरे के साथ बैठक की।
वहीं इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर सभी लंबित मुद्दों को जल्द समाधान की जरूरत है। सात ही उन्होंने यह भी कहा कि द्विपक्षीय संबंध परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हितों पर आधारित होने चाहिए। जयशंकर और वांग दोनों ने सीमा मुद्दों के समाधान के लिए सैन्य स्तर की अगली बातचीत जल्द किसी तिथि पर आयोजित होने की उम्मीद जताई।
जयशंकर ने वांग यी के साथ बैठक के दौरान भारतीय छात्रों की चीन वापसी और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों को फिर शुरू करने सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, जयशंकर ने लद्दाख बार्डर पर गतिरोध वाले कुछ इलाके से सैनिकों के पीछे हटने का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया कि शेष सभी इलाकों से पूरी तरह से पीछे हटने के लिए इस गति को बनाये रखने की जरूरत है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल की जा सके।
जयशंकर ने द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकाल और पहले की बातचीत के दौरान दोनों मंत्रियों के बीच बनी सहमति का पूरी तरह से पालन करने के महत्व को भी दोहराया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस संबंध में मंत्रियों ने दोनों पक्षों के बीच सैन्य एवं राजनयिक अधिकारियों के बीच नियमित संपर्क बनाये रखने की पुष्टि की। दोनों मंत्रियों ने जल्द किसी तारीख पर सीनियर सैन्य कमांडरों की अगली बैठक की उम्मीद भी जताई।
विदेश मंत्री जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन के संबंध परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और साझा हितों का ध्यान रखने पर बेहतर ढंग से आगे बढ़ सकते हैं।
इससे पहले, जयशंकर ने मुलाकात की तस्वीर के साथ ट्वीट किया, "बाली में दिन की शुरुआत चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक से हुई। यह चर्चा एक घंटे तक चली।" विदेश मंत्री जयशंकर के ट्वीट को आप नीचे देख सकते हैं-