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भारत ने चावल के निर्यात पर बढ़ाया प्रतिबंध, parboiled rice पर लगाया 20% शुल्क

पैराब्वाइल्ड राइस (parboiled rice) पर भारत ने 20% निर्यात शुल्क लगाया है। गैर-बासमती सफेद चावल और टूटे चावल की शिपिंग पर पहले लगाए गए प्रतिबंध के बाद अब ये एक्शन लिया गया है। ये एक्शन इस प्रमुख आहार की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए लिया गया है। सरकार ने चावल की कीमतों को स्थिर करने और घरेलू बाजार के भीतर इन्वेंट्री को मजबूत करने के लिए ये कदम उठाया है

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Aug 26, 2023 पर 11:44 AM
भारत ने चावल के निर्यात पर बढ़ाया प्रतिबंध, parboiled rice पर लगाया 20% शुल्क
पूरे भारत में फिलहाल पैराब्वाइल्ड चावल का भाव 37-38 रुपये प्रति किलोग्राम है। जबकि बासमती चावल का भाव 92-93 रुपये पर उपलब्ध है

भारत ने पैराब्वाइल्ट राइस (parboiled rice) पर 20% निर्यात शुल्क लगाया है। शुक्रवार को वित्त मंत्रालय (Finance Minsitry) की एक अधिसूचना में इसकी पुष्टि की गई। यह कार्रवाई गैर-बासमती सफेद चावल और टूटे चावल की शिपिंग पर पहले लगाए गए प्रतिबंध के बाद की गई है। उसकी घोषणा पहले सितंबर 2022 और उसके बाद पिछले महीने में की गई थी। ताकि इस प्रमुख आहार की बढ़ती कीमतों को कम किया जा सके। माना जा रहा है सरकार ने ये कदम कीमतों को स्थिर करने और घरेलू बाजार के भीतर इन्वेंट्री को मजबूत करने के लिए उठाया है। इससे बढ़ती लागत के कारण लगातार महंगाई के दबाव का मुकाबला किया जा सकेगा।

देश में पैराब्वाइल्ड चावल का भाव ₹37-38 प्रति किलोग्राम

वर्तमान में पूरे भारत में पैराब्वाइल्ड चावल का भाव ₹37-38 प्रति किलोग्राम और बासमती चावल ₹92-93 पर उपलब्ध है। व्यापारियों ने कहा कि फ्री-ऑन-बोर्ड (FoB) पैराब्वाइल्ड चावल की कीमत लगभग 500 डॉलर प्रति टन और बासमती की किस्मों के लिए 1,000 डॉलर प्रति टन है। वैश्विक पैराब्वाइल्ड चावल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी लगभग 25-30% है।

चावल की खुदरा महंगाई जुलाई में बढ़कर 12.96% हो गई, जो जून में 12% और जुलाई 2022 में 4.3% रही थी।

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