India Ratings ने मौजूदा फाइनेशियल ईयर के लिए ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) का पूर्वानुमान 9.6 प्रतिशत से घटाकर 9.4 प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद मजबूत रिकवरी हुई है। हालांकि, देश की पूरी व्यस्क जनसंख्या को वर्ष के अंत तक वैक्सीन लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं होगा।
रेटिंग एजेंसी के प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट सुनील कुमार सिन्हा ने कहा, "वैक्सीनेशन की रफ्तार को देखते हुए यह लगभग तय है कि देश की पूरी व्यस्क जनसंख्या को दिसंबर के अंत तक वैक्सीन नहीं लगाई जा सकेगी।"
India Ratings ने जून में पिछले पूर्वानुमान में कहा था कि इकोनॉमी की रिकवरी की रफ्तार वैक्सीनेशन पर निर्भर करेगी। इसका कहना था, "अगर देश में दिसंबर के अंत तक पूरी व्यस्क जनसंख्या को वैक्सीनेट कर लिया जाता है तो 2021-22 में GDP ग्रोथ 9.6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। ऐसा नहीं होने पर यह 9.1 प्रतिशत रह सकती है।"
रेटिंग एजेंसी के अनुमान से पता चलता है कि इस वर्ष के अंत तक पूरी व्यस्क जनसंख्या को वैक्सीनेट करने के लिए प्रति दिन लगभग 52 लाख डोज देनी होंगी। इसके अलावा अगले वर्ष मार्च के अंत तक बाकी सभी को सिंगल डोज देने की जरूरत होगी।
कुछ अन्य रेटिंग एजेंसियों ने भी इकोनॉमिक ग्रोथ में जल्द रिकवरी के लिए वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत बताई है।