भारत ने कनाडा का आरोप खारिज किया, कहा-खालिस्तानी आतंकवादी की हत्या में उसका हाथ नहीं, जानिए क्या है मामला

विदेश मंत्रालय ने 19 सितंबर की सुबह एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि कनाडा में हिंसा की घटना में भारत का हाथ होने का आरोप बकवास और किसी मकसद से प्रेरित है। इससे पहले कनाडा ने एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया। उन पर जून की शुरुआत में ब्रिटिश कोलंबिया में हुए एक कथित खालिस्तीना कार्यकर्ता की हत्या से जुड़े होने का संदेह है

अपडेटेड Sep 19, 2023 पर 10:05 AM
कनाडा के प्रधानमंत्री ने 18 सितंबर को हाउस ऑफ कॉमन्स में एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या में भारत की सरकार का हाथ हो सकता है।

भारत और कनाडा के रिश्ते में अचानक तल्खी आ गई है। भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) के इस आरोप को खारिज कर दिया है कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में इंडिया का हाथ है। विदेश मंत्रालय ने 19 सितंबर की सुबह एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि कनाडा में हिंसा की घटना में भारत का हाथ होने का आरोप बकवास और किसी मकसद से प्रेरित है।

कनाडा ने भारतीय राजनयिक को निष्कासित किया

इस बीच कनाडा ने एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया। उन पर जून की शुरुआत में ब्रिटिश कोलंबिया में हुए एक कथित खालिस्तीना कार्यकर्ता की हत्या से जुड़े होने का संदेह है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने 18 सितंबर को हाउस ऑफ कॉमन्स में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या में भारत की सरकार का हाथ हो सकता है।


भारत ने कनाडा पर लगाया आतंकी गतिविधियां नहीं रोकने का आरोप

विदेश मंत्रालय ने कहा, "हमने कनाडा के संसद में प्रधानमंत्री ट्रूडो के बयान को देखा है और हम उसे खारिज करते हैं। हम कनाडा के विदेश मंत्री के बयान को भी खारिज करते हैं। कनाडा में किसी तरह की हिंसा में भारत सरकार के हाथ होने के आरोप बकवास और दुर्भावना से प्रेरित है।" मंत्रालय ने ट्रूडो के आरोपों को निराधार बताया। उसने कनाडा सरकार के वहां खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ने से रोकने में नाकाम रहने का दावा भी किया। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि हमारा शासन लोकतांत्रिक है, जो कानून के राज को लेकर प्रतिबद्ध है।

कनाडा में आतंकी गतिविधियां भारत की संप्रभुता के लिए खतरा

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "ऐसे निराधार आरोपों का मकसद खालिस्तानी और अतिवादियों से ध्यान भटकाना है, जिन्हें कनाडा में शरण दिया गया है। वे भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। ऐसे मसलों पर कनाडा सरकार की तरफ से किसी तरह की कार्रवाई नहीं होना लंबे समय से चिंता का विषय रहा है।"

इस साल जुलाई में ब्रिटिश कोलंबिया में हुई थी निज्जर की हत्या

कनाडा में अलगाववादी आंदोलन लंबे समय से कनाडा और भारत के बीच आरोप-प्रत्यारोप का प्रमुख मसला रहा है। कनाडा ऐसा देश है, जहां सिखों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। भारत लगातार यह कहता रहा है कि कनाडा इन आतंकवादियों को शरण देता आया है। ट्रूडो के मुताबिक, कनाडा में जांच अधिकारी उस घटना की जांच कर रहे हैं, जिसमें 18 जून को खालिस्तानी आंदोलन के समर्थक को गोली मार दी गई थी। यह हमला ब्रिटिश कोलंबिया में हुआ था, जो कनाडा में है। भारत ने जुलाई 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था। इसकी वजह यह है कि अलगाववादी आंदोलन से उसका संबंध था।

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