IFFCO ने लॉन्च किया दुनिया का पहला नैनो लिक्विड यूरिया, खाद की एक बोरी अब आधे लीटर की बोतल में उपलब्ध

यह बोतल में पेश की जा रही इस कारण इसके परिवहन और भंडारण का खर्च कम होगा इसके अलावा, नया उत्पाद वायमंडल का तापमान बढने की समस्या को कम करने में सहायक होने के अलावा मिट्टी, पानी और वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा

अपडेटेड May 24, 2023 पर 9:59 PM
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IFFCO के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा विकसित नैनो यूरिया लिक्विड आधे लीटर की बोतलों में उपलब्ध होगा

सहकारी कंपनी इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) ने किसानों के लिए दुनिया का पहला नैनो यूरिया लिक्विड (Nano Urea Liquid) लॉन्च किया है। इसका उत्पादन जून से शुरू होगा और इसे दुनिया भर के किसानों को पेश किया जाएगा। इससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सकेगी। अब एक बोरी यूरिया खाद की जगह आधे लीटर की नैनो लिक्विड यूरिया की बोतल किसानों के लिए काफी होगी।

कंपनी ने सोमवार को कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित नैनो यूरिया तरल स्वरूप में है और इसकी कीमत 240 रुपये प्रति 500 मिलीलीटर है। यह पारंपरिक यूरिया की प्रति बोरी कीमत से 10 प्रतिशत सस्ती है। नैनो यूरिया लिक्विड को गुजरात के कलोल में इफ्को के नैनो बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (एनबीआरसी) में स्वदेशी तकनीक विकसित किया गया है।

नैनो यूरिया इफको के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म www.iffcobazar.in के अलावा इसक सहकारी बिक्री और विपणन व्यवस्थाओं के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा। नैनो यूरिया यहां इफको की 50 वीं वार्षिक आम बैठक में पेश की गई। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इफको नैनो यूरिया लिक्विड किसानों को सस्ता बैठेगा और यह किसानों की आय बढ़ाने में प्रभावी होगा।


आधे लीटर की बोतल में उपलब्ध

IFFCO ने कहा कि नैनो लिक्विड यूरिया की 500 मिलीलीटर की एक बोतल पारंपरिक यूरिया की कम से कम एक बोरी की बराबरी करेगा। इसलिए, यह किसानों की लागत को कम करेगा। इसमें कहा गया है कि नैनो यूरिया का उत्पादन इस साल जून से शुरू होगा और इसके बाद जल्द ही इसका वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जाएगा।

नए उत्पाद के लाभों पर प्रकाश डालते हुए, इफ्को ने कहा कि यह पौधों के पोषण के लिए एक मजबूत समाधान है जो यूरिया के अत्यधिक उपयोग को कम करके और फसलों को मजबूत व स्वस्थ बनाता है। नैनो यूरिया को पारंपरिक यूरिया के स्थान पर विकसित किया गया है और यह पारंपरिक यूरिया की आवश्यकता को कम से कम 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है।

इसमें कहा गया है कि इसमें उपलब्ध नाइट्रोजन, पारंपरिक यूरिया के एक बैग के नाइट्रोजन पोषक तत्व के प्रभाव के बराबर होता है। चूंकि यह बोतल में पेश की जा रही इस कारण इसके परिवहन और भंडारण का खर्च कम होगा इसके अलावा, नया उत्पाद वायमंडल का तापमान बढने की समस्या को कम करने में सहायक होने के अलावा मिट्टी, पानी और वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा।

 

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