Indian Railways: रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने एक बयान में कहा कि भारतीय रेलवे ने भारत गौरव ट्रेन स्कीम (Bharat Gaurav Trains scheme) के तहत केवल लिंके हॉफमैन बुश यानी LHB (Linke Hofmann Busch) कोच आवंटित करने का फैसला किया है। भारत गौरव ट्रेन स्कीम के तहत रेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेल द्वारा लगभग 33 फीसदी रियायत दी जाएगी।
इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन संख्या 18009/18010 सांतरागाछी-अजमेर-सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन (वाया मुरी) के पारंपरिक रेक को LHB कोच रेक में परिवर्तित किया जाएगा। इससे यात्रियों को ट्रेन में सफर करने सहूलियत होगी। रेलवे लगातार पारंपरिक रेक को LHB कोच रेक में परिवर्तन करने का काम कर रहा है।
रेल पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रोडक्ट की विजबिलिटी के हित में रेल मंत्रालय ने ये फैसला लिया है। बयान में कहा गया है, 'इससे भारत गौरव ट्रेन स्कीम के तहत रेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेल द्वारा लगभग 33 प्रतिशत रियायत मिलेगी।'
रेल मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा सर्विस प्रोवाइडर्स (जिन्हें पहले ही भारत गौरव ट्रेन नीति के ढांचे के तहत ICF रेक आवंटित किए जा चुके हैं) को संशोधित शुल्कों पर समझौते की शेष अवधि के लिए LHB रेक पर स्विच करने का विकल्प दिया जाएगा।
2021 में शुरू हुई थी भारत गौरव
नवंबर 2021 में भारतीय रेलवे ने प्राइवेट खिलाड़ियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थानों को भारत के लोगों एवं विदेशों में प्रदर्शित करने के लिए थीम-आधारित भारत गौरव ट्रेनें चलाने की अनुमति दी थी।
इस कार्यक्रम के तहत विशेष पर्यटन पैकेज के रूप में थीम-आधारित सर्किट पर चलने के लिए भारतीय रेलवे से किसी भी ऑपरेटर या सर्विस प्रोवाइडर या किसी भी व्यक्ति द्वारा ट्रेनों को पट्टे पर लिया जा सकता है। प्राइवेट खिलाड़ी और टूर ऑपरेटर रेलवे से पट्टे पर ट्रेनें खरीद सकते हैं और उन्हें अपनी पसंद के किसी भी सर्किट पर संचालित कर सकते हैं। साथ ही किराया, रूट और सेवाओं की गुणवत्ता तय कर सकते हैं।
हालांकि, रेलवे यह सुनिश्चित करेगा कि कीमतों में कोई असामान्यता न हो। भारतीय रेलवे ने इन थीम-आधारित सर्किटों के लिए लगभग 190 ट्रेनों का आवंटन किया है। ट्रेन की संरचना गार्ड वैन सहित 14 से 20 कोच की होगी।