कुछ महीनों तक स्थिर रहने के बाद, भारत में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। बुधवार को देश में 93 दिनों के बाद पहली बार 5,000 से अधिक कोरोना के मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,31,90,282 पहुंच गई, जब एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 28,857 हो गई।
नए मामलों में से अकेले महाराष्ट्र से करीब 2,000 केस सामने आए हैं। इसके अलावा केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी कोरोना के मामले पिछले कुछ दिनों में बढ़े हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि कहीं यह कोरोना की चौथी लहर का संकेत तो नहीं?
क्या चौथी लहर का दिख रहा संकेत?
कोरोना मामलों में बढ़ोतरी पर एम्स के सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय राय ने बताया, "RNA वायरस लगातार म्यूटेट होता रहता है। ऐसे में कोरोना मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यह मायने नहीं रखता है। मायने रखता है कि क्या इसके चलते मरीज के गंभीर बीमार होने की संभावना या मृत्यु की संभावना बढ़ रही है, जो फिलहाल नहीं दिख रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "इस प्रकार के वायरस जल्दी खत्म नहीं होते हैं और संक्रमित मरीजों की संख्या में उतार-चढ़ाव होते रहेंगे। हमें सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना चाहिए।" साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दूसरी और तीसरी लहर की तुलना में, हमारे देश की स्थिति को अभी काफी अच्छी कही जा सकती है।
कोरोना के किन लक्षणों पर रखें नजर?
अगर आपको कोई बीमारी नहीं है और फिर भी छींकने, खांसी, तेज बुखार, थकान, सिरदर्द, उल्टी शरीर में दर्द जैसे लक्षणों का 2-3 दिनों से अनुभव कर रहे हैं तो आपको तुरंत कोविड जांच कराना चाहिए।
कोरोना के दौरान भूख न लगना, एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन, नींद की गड़बड़ी, सीने में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, पैरों और हाथों में अत्यधिक दर्द जैसे लक्षण भी देखे जाते हैं।