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चंद्रमा पर उतरने वाले स्थान का नाम 'शिवशक्ति' रखने को लेकर कोई विवाद नहीं है: ISRO प्रमुख

ISRO प्रमुख एस सोमनाथ ने रविवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में पूर्णमिकवु-भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सोमनाथ ने कहा कि विज्ञान और विश्वास दो अलग-अलग चीजें हैं। दोनों को मिलाने की कोई जरूरत नहीं है। 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग के बाद इसरो प्रमुख तिरुवनंतपुरम पहुंचे

Akhileshअपडेटेड Aug 27, 2023 पर 5:40 PM
चंद्रमा पर उतरने वाले स्थान का नाम 'शिवशक्ति' रखने को लेकर कोई विवाद नहीं है: ISRO प्रमुख
Chandrayaan-3 Landing News: सोमनाथ ने कहा कि चंद्रमा पर उतरने वाले स्थान का नाम 'शिवशक्ति ' रखने को लेकर कोई विवाद नहीं है

Chandrayaan-3 Landing News: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान की सॉफ्ट लैंडिंग के साथ इतिहास रचने के कुछ दिनों बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख एस सोमनाथ ने रविवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में पूर्णमिकवु-भद्रकाली मंदिर (Pournamikavu-Bhadrakali Temple in Kerala) में पूजा-अर्चना की। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सोमनाथ ने कहा कि विज्ञान और विश्वास दो अलग-अलग चीजें हैं। दोनों को मिलाने की कोई जरूरत नहीं है। 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग के बाद इसरो प्रमुख तिरुवनंतपुरम पहुंचे।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस की एक रिपोर्ट के मुतापबिक, इस दौरान सोमनाथ ने कहा कि चंद्रमा पर उतरने वाले स्थान का नाम 'शिवशक्ति (Shivashakti)' रखने को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि देश को उस स्थान का नाम रखने का अधिकार है। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक ने कहा कि कई अन्य देशों ने चंद्रमा पर अपना नाम रखा है और यह हमेशा संबंधित राष्ट्र का विशेषाधिकार रहा है।

इसरो प्रमुख ने कहा कि भारत पहला देश है, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी ध्रुव में चंद्रमा की सतह पर्वतों और घाटियों के कारण बहुत पेचीदा है। यहां तक कि थोड़ी सी गणना त्रुटि के कारण भी लैंडर मिशन में विफल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इसरो ने अभियानों के लिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि यहां की सतह खनिजों से समृद्ध है, जिसे रोवर द्वारा चंद्रमा की सतह से उचित प्रतिक्रिया मिलने के बाद वैज्ञानिकों द्वारा तेज किया जाएगा।

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