जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (Jammu-Srinagar national highway) को रामबन जिले में पत्थर गिरने और भारी बारिश के बाद भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस ने एक ट्वीट में बताया जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) रामबन जिले के कैफेटेरिया मोड़, मेहद में पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों के कारण अवरुद्ध है।
आपको बता दें कि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे कश्मीर घाटी की जीवन रेखा है। कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली ये मुख्य सड़क है। इस हाईवे से कश्मीर जाने वाले आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक और अन्य वाहन गुजरते हैं। कश्मीर से फल लदे ट्रक इसी सड़क से देश के बाकी हिस्सों के लिए गुजरते हैं।
जम्मू में बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में कई जगहों पर हुए भूस्खलन की वजह से 270 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कैफेटेरिया और मेहद पर पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन होने के कारण यातायात रोक दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भूस्खलन की ताजा घटनाएं भारी बारिश के कारण हुईं। अधिकारियों के मुताबिक, नेशनल हाईवे पर यातायात की बहाली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हर मौसम में खुली रहने वाली यह सड़क कश्मीर को शेष भारत से जोड़ती है।
8 जुलाई को अमरनाथ की पवित्र गुफा में बादल फटने से पवित्र गुफा से सटे नाले में पानी का भारी बहाव हुआ और इस घटना में 16 लोगों की जान चली गई। इस दुखद घटना में कम से कम 36 लोगों के लापता होने की भी खबर है। बादल फटने की घटना के बाद अमरनाथ यात्रा आंशिक रूप से स्थगित कर दी गई थी। बाद में 11 जुलाई को नुनवान पहलगाम की ओर से फिर से शुरू की गई थी।