उत्तर प्रदेश के बरेली में सरकारी अधिकारियों को ऑफिस में कैजुअल वियर पहनने की इजाजत नहीं होगी। जिलाधिकारी शिवकांत द्विवेदी ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के जींस और टी-शर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। बरेली के कलेक्टर दफ्तर में ये नया नियम लागू किया गया है।
आदेश के मुताबिक, कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी ऑफिस में जींस-टीशर्ट पहनकर नहीं आ सकता है। अगर कोई भी कैजुअल ड्रेस में ऑफिस आता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। अब से सभी कर्मचारी ऑफिशियल पैंट शर्ट में ही ऑफिस आएंगे।
जिलाधिकारी शिवकांत द्विवेदी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सामान्य वेशभूषा है जिससे लगे की वह अधिकारी हैं। जिन्हें कैजुअल पहनना है वह बाहर पहन सकते हैं।"
शासन के आदेशों का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कलक्ट्रेट परिसर में जींस और टीशर्ट पहनकर आने पर बैन लगाया गया है। उन्होंने कहा है कि कर्मचारी और अधिकारी उच्चाधिकारियों के पास जींस और टी-शर्ट में पहुंच जाते हैं, जबकि औपचारिक परिधान पहनने के लिए शासन ने निर्देशित किया हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस तरह का आचरण शासन के निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता है। इस पर उन्होंने कार्यालय में औपचारिक परिधान ही पहनकर आने के निर्देश जारी किए हैं।
अन्य राज्यों में जारी हो चुका है आदेश
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य में अधिकारियों द्वारा इस तरह के आदेश जारी किए गए हैं। इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने भी इसी तरह की कार्रवाई की थी। राज्य सरकार ने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों द्वारा टी-शर्ट और जींस पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
बागेश्वर के जिला मजिस्ट्रेट विनीत कुमार ने हाल ही में सभी सरकारी कार्यालयों में अनौपचारिक ड्रेसिंग, जींस और टी-शर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित किया। उन्होंने कहा कि सभी जिला अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में ड्रेस कोड का पालन करें और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान जींस और टी-शर्ट न पहनें।
इसके अलावा पिछले साल, महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सचिवालय और सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों द्वारा टी-शर्ट और जींस पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं, बिहार, तमिलनाडु, राजस्थान, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने भी अपने सभी कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड जारी किया था।