Get App

JULY services PMI : सर्विसेज PMI जुलाई में 13 साल के हाई पर, जून के 58.5 से बढ़कर 62.3 पर आई

JULY services PMI : जुलाई में कंपोजिट PMI भी 59.4 से बढ़कर 61.9 के स्तर पर आ गई है। 62.3 के स्तर पर रहने के साथ ही जुलाई सर्विसेज PMI 13 सालों में हाइएस्ट लेवल पर रही है। पिछली बार यह जून 2010 में हाइएस्ट लेवल पर थी। इसके अलावा जुलाई में सर्विसेज PMI लगातार 24वें महीने 50 के अहम स्तर से भी ऊपर रही है। इसका मतलब ये है कि लगातार 24 महीनों में देश में सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियों में विस्तार देखने को मिला है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 03, 2023 पर 12:48 PM
JULY services PMI : सर्विसेज PMI जुलाई में 13 साल के हाई पर, जून के 58.5 से बढ़कर 62.3 पर आई
JULY services PMI : जुलाई में सर्विसेज PMI लगातार 24वें महीने 50 के अहम स्तर से भी ऊपर रही है। इसका मतलब ये है कि लगातार 24 महीनों में देश में सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियों में विस्तार देखने को मिला है

JULY services PMI : एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) द्वारा 3 अगस्त को जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में सर्विसेज PMI में जोरदार बढ़त देखने को मिली है। ये जून के 58.5 से बढ़कर 62.3 के स्तर पर आ गई है। जुलाई में सर्विसेज PMI 13 साल के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। जुलाई में कंपोजिट PMI भी 59.4 से बढ़कर 61.9 के स्तर पर आ गई है। 62.3 के स्तर पर रहने के साथ ही जुलाई सर्विसेज PMI 13 सालों में हाइएस्ट लेवल पर रही है। पिछली बार यह जून 2010 में हाइएस्ट लेवल पर थी। इसके अलावा जुलाई में सर्विसेज PMI लगातार 24वें महीने 50 के अहम स्तर से भी ऊपर रही है। इसका मतलब ये है कि लगातार 24 महीनों में देश में सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियों में विस्तार देखने को मिला है।

बताते चलें कि अगर PMI आंकड़ा 50 के ऊपर होता है तो यह माना जाता है कि कारोबारी गतिविधियों में ग्रोथ हुई है। वहीं अगर ये आंकड़ा 50 के नीचे रहता है तो यह माना जाता है कि कारोबारी गतिविधियों में संकुचन आया है।

ट्रेड स्पॉटलाइट : केईआई इंडस्ट्रीज, सुजलॉन एनर्जी, पीवीआरइनॉक्स में अब क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

पीएमआई एक सर्वे बेस्ड इंडीकेटर है जो लगभग 400 सर्विसेज कंपनियों के रिस्पॉन्स पर आधारित होता है। इसमें नान-रिटेल सर्विसेज, ट्रांसपोर्ट, कम्यूनिकेशन, इंफॉर्मेशन, फाइनेंश, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज सेक्टर से संबंधित कंपनियां शामिल होती हैं। इनमें से हर सेक्टर के लिए एक अलग इंडेक्स होता है। फिर उन सभी को मिलाकर एक समग्र पीएमआई आंकड़ा दिया जाता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें