जस्टिस एन वी रमना होंगे अगले प्रधान न्यायाधीश, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, 24 अप्रैल को शपथ लेंगे

राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद अब 24 अप्रैल को जस्टिस रमना देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे

अपडेटेड Apr 06, 2021 पर 7:04 PM
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देश के अगले प्रधान न्यायाधीश जस्टिस नथालापति वेंकट रमना (NV Ramana)होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी नियुक्ति को स्वीकृति दे दी है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद अब 24 अप्रैल को जस्टिस रमना देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। जस्टिस रमना वर्तमान चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े के बाद सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं।  बता दें कि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर 24 मार्च को न्यायमूर्ति एनवी रमना के नाम की सिफारिश की थी।

सर्वोच्च न्यायालय में सीनियर जस्टिस एनवी रमना का पूरा नाम नथालपति वेंकट रमण हैं। उनका जन्म 27 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश  के कृष्ण जिले के पोन्नवरम गाँव में एक कृषि परिवार में हुआ था। पहले, वह दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी थे। उन्होंने आंध्र प्रदेश न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है। वह 26 अगस्त 2022 को सेवानिवृत्त होंगे।


वर्तमान प्रधान न्यायाधीश (CJI) एसए बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं और 24 अप्रैल को न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना अगले सीजेआई के तौर पर शपथ लेंगे। न्यायमूर्ति एनवी रमना को साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। हालांकि जस्टिस रमन्ना 26 अगस्त 2022 को रिटायर होने वाले हैं इसलिए प्रधान न्यायाधीश के रूप में उनके कार्यकाल में दो साल से भी कम का वक्त बचा है।

एनवी रमना 10 फरवरी 1983 को वकील बने थे। जस्टिस एन वी रमना ने आंध्र प्रदेश, मध्य और आंध्र प्रदेश प्रशासनिक न्यायाधिकरणों और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, श्रम, सेवा और चुनाव मामलों में उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस की है। उन्हें संवैधानिक, आपराधिक, सेवा और अंतर-राज्यीय नदी कानूनों में विशेषज्ञता हासिल है।

पिछले कुछ सालों में जस्टिस रमना का सबसे चर्चित फैसला जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट की बहाली के रहा है। चीफ जस्टिस के कार्यालय को सूचना अधिकार कानून (RTI) के दायरे में लाने का फैसला देने वाली बेंच के भी जस्टिस रमना सदस्य रह चुके हैं।

जस्टिस एन वी रमना 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रहे हैं। इसके अलावा वे दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में  साल 2013 को नियुक्त हुए थे।

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