Karnataka News: अगली सरकार बनने से पहले बिजली महंगी, लेकिन इन्हें मिली राहत

Karnataka News: कर्नाटक में अगली सरकार के गठन से पहले बिजली महंगी हो गई है। बिजली की दरें प्रति यूनिट 70 पैसे बढ़ी हैं जो पिछले एक दशक में अब तक तक की सबसे तेज बढ़ोतरी में शुमार है। कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KERC) ने शुक्रवार 12 मई को टैरिफ में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। बढ़ी हुई दरों को 1 अप्रैल 2023 से लागू किया गया है

अपडेटेड May 13, 2023 पर 12:43 PM
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कर्नाटक में बिजली की दरें महंगी हो गई हैं लेकिन डिस्काउंटेड एनर्जी रेट स्कीम (DERS) के तहत दरें 6 रुपये प्रति यूनिट से कम कर के 5 रुपये कर दी गई है। (Image- Pexels)

Karnataka News: कर्नाटक में अगली सरकार किसकी बनेगी, इसे लेकर आज मतगणना हो रही है। इस बीच आज कर्नाटक में बिजली की दरें प्रति यूनिट 70 पैसे बढ़ा दी गई हैं। यह पिछले एक दशक में अब तक तक की सबसे तेज बढ़ोतरी में शुमार है। कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KERC) ने शुक्रवार 12 मई को टैरिफ में 70 पैसे की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। इसमें से 57 पैसे फिक्स्ड चार्ज के जरिए वसूले जाएंगे और शेष 13 पैसे को एनर्जी चार्जेज के रूप में लिए जाएंगे। केईआरसी के आदेश के मुताबिक रेवेन्यू में 4,457.12 करोड़ रुपये के फासले को पाटने के लिए टैरिफ बढ़ाने का फैसला किया गया। यह बढ़ोतरी सभी कैटेगरी में की गई है और ओवरऑल यह 8.31 फीसदी उछाल है। बढ़ी हुई दरों को 1 अप्रैल 2023 से लागू किया गया है।

टैरिफ बढ़ाने की क्यों आई नौबत

इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई करने वाली कंपनियों ने कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन से वित्त वर्ष 2024 में 8,951.20 करोड़ रुपये के रेवेन्यू डेफिसिट को पाटने के लिए प्रति यूनिट 1.39 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि आयोग ने 70 पैसे की बढ़ोतरी को मंजूरी दी। आयोग ने प्रेस रिलीज में कहा कि कोयले और ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ने, एंप्लॉयीज के पे और अलाउंस में 20 फीसदी की बढ़ोतरी, ब्याज और फाइनेंस चार्जेज में 30 फीसदी के उछाल और डेप्रिसिएशन में 15 फीसदी की बढ़ोतरी के चलते टैरिफ बढ़ाना जरूरी हो गया था।


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इन्हें मिली राहत

कर्नाटक में बिजली की दरें महंगी हो गई हैं लेकिन डिस्काउंटेड एनर्जी रेट स्कीम (DERS) के तहत दरें 6 रुपये प्रति यूनिट से कम कर के 5 रुपये कर दी गई है। यह फैसला इंडस्ट्रीज और कॉमर्शियल एस्टैब्लिशमेंट को अधिक से अधिक बिजली उपयोग करने के लिए लिया गया है। पहले यह योजना हाई वोल्टेज की इलेक्ट्रिसिटी पर था लेकिन अब इसे कम वोल्टेज पर इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करने वाली इंडस्ट्रीज और कॉमर्शियल्स के लिए भी खोल दिया गया है जो 50 किलोवॉट या इससे ऊपर की सप्लाई इस्तेमाल करते हैं।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन्स के टैरिफ 5 रुपये से घटाकर 4.5 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्रीज को 50 पैसे प्रति यूनिट की छूट एक और साल तक जारी रहेगी। टैरिफ को आसान बनाने के लिए शहरी और गांवों की कैटेगरी को एक कर दिया गया है लेकिन गांवों में 30 पैसे प्रति यूनिट की छूट अभी जारी रहेगी।

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