Get App

Malappuram Boat Tragedy: केरल के मलप्पुरम में नाव पलटने से 22 लोगों की मौत, मौके पर पहुंचे सीएम, मुआवजे का ऐलान

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नाव में पर्याप्त जीवन रक्षक उपकरण नहीं थे। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से बचाव कार्य में बाधा आ रही है। दुर्घटना के सही कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस की कई टीमें फिलहाल बचाव कार्य में लगी हुई हैं। नाव पर सवार अधिकांश यात्री मलप्पुरम जिले के परप्पनंगडी और तनूर क्षेत्रों के हैं

Akhileshअपडेटेड May 08, 2023 पर 10:21 AM
Malappuram Boat Tragedy: केरल के मलप्पुरम में नाव पलटने से 22 लोगों की मौत, मौके पर पहुंचे सीएम, मुआवजे का ऐलान
Malappuram Boat Tragedy: प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।

केरल (Kerala) के मलप्पुरम जिले (Malappuram Houseboat Tragedy) के तनूर के पास रविवार को एक पर्यटक नौका के पलट जाने से 22 लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, मतृकों में कम से कम छह बच्चे और चार महिलाएं शामिल हैं। फिलहाल बचाव कार्य जारी है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। मरने वाले लोगों के परिवारों को 2 लाख रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जाताया है। वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके कई मंत्री मलप्पुरम जिले में उस स्थान पर पहुंचे हैं, जहां कल रात एक पर्यटक नाव पलट गई थी। केरल में अधिकारियों बताया कि दुर्घटना स्थल से मिली प्रारंभिक सूचना के अनुसार डबल डेकर नौका पर करीब 40 यात्री सवार थे।

मलप्पुरम के जिला कलेक्टर वी.आर. प्रेमकुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट किया। पुलिस और बचाव अभियान से संबंधित सभी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया गया। नेवी को भी मौके पर बुलाया गया है। इस घटना में 22 लोगों की मृत्यु हुई है, 5 लोग तैरकर किनारे पर पहुंचे। 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान जारी है।

उन्होंने बताया कि यह दर्दनाक हादसा रविवार (7 मई) शाम करीब सात बजे हुआ। अधिकारियों ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। केरल कैबिनेट के मंत्री खुद मौके पर हैं और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अब तक कम से कम 10 लोगों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है।

यह घटना केरल में नाव पर्यटन उद्योग के आसपास नियमों की अवहेलना को उजागर करती है, क्योंकि मनोरंजक नौकाओं को सिर्फ शाम 5:00 बजे तक चलने की अनुमति है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डबल डेकर नाव काफी भीड़भाड़ वाली थी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें