'चाहो तो मुझे फांसी पर लटका दो' कोलकाता के हैवान को नहीं है अपने किए का पछतावा! हैवानियत ऐसी कि कांप जाएगी आपकी रूह
Kolkata Rape Murder: आरोपी का नाम है संजय रॉय वो पुलिस कल्याण बोर्ड में एक सिविक वालंटियर है। खुद को पुलिस का सिपाही बताता था और इस वजह से अस्पताल में उसकी आसानी से एंट्री हो जाती थी और किसी भी डिपार्टमेंट में बेखौफ आता-जाता था। दरिंदा अब पुलिस की गिरफ्त में है और उसकी कुंडली भी खुल गई है। बड़ी हैरानी की बात ये है कि उसे अपने किए का कोई पछतावा तक नहीं है
Kolkata Rape Murder: आरोपी का नाम है संजय रॉय वो पुलिस कल्याण बोर्ड में एक सिविक वालंटियर है
'अगर चाहो तो मुझे फांसी पर लटका दो...' ये शब्द उस दरिंदे के हैं, जिसने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ बेहद घिनौने तरीके से रेप किया और उसकी हत्या कर दी। चार पेज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पीड़िता की आंखों में कांच के टुकड़े घुस गए थे। उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। गला घोंटने के कारण उसका थायरॉयड कार्टिलेज टूट गया और उसके प्रावेट पार्ट में भी गहरा घाव मिला। सोचिए कि इतना जघन्य अपराध करने के बाद भी इस आरोपी के मन में जरा सा भी पछतावा नहीं है।
आरोपी का नाम है संजय रॉय (Sanjay Roy) वो पुलिस कल्याण बोर्ड में एक सिविक वालंटियर है। खुद को पुलिस का सिपाही बताता था और इस वजह से अस्पताल में उसकी आसानी से एंट्री हो जाती थी और किसी भी डिपार्टमेंट में बेखौफ आता-जाता था।
फोन से मिली पोर्न वीडियो
दरिंदा अब पुलिस की गिरफ्त में है और उसकी कुंडली भी खुल गई है। पुलिस ने बताय कि उसके फोन से कई पोर्न वीडियो मिले हैं। उसने चार बार शादी की और उसके कथित हिंसक रवैये के कारण उसकी तीन पत्नियां उसे छोड़ चुकी थीं। जबकि चौथी पत्नी की कथित तौर पर पिछले साल कैंसर से मौत हो गई थी।
उसकी एक पत्नी की मां ने कथित तौर पर ये बताया कि महिलाओं के खिलाफ उसका रवैया कितना हिंसक था। एक मीडिया हाउस से बात करते हुए उसकी सास ने कहा कि उसने उनकी बेटी से शादी करने के लिए, ये नहीं बताया कि उसकी पहले भी शादी हो चुकी है।
तीन महीने की प्रेग्नेंट बीवी को पीटा
उन्होंने अपनी बेटी को प्रताड़ित करने के लिए उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उसकी सास ने ये तक आरोप लगाया कि संजय रॉय ने कोलकाता पुलिस में नौकरी दिलाने का वादा करके कई लोगों को ठगा है।
रॉय की पूर्व सास दुर्गा देवी, जो टोपसिया की रहने वाली हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि रॉय ने उनकी बेटी के साथ तब मारपीट की, जब वह तीन महीने की गर्भवती थी।
संजय के सिर पर बड़े अधिकारियों का हाथ
दुर्गा देवी ने मीडिया कहा, "मैंने अपनी बेटी की ओर से 4 अगस्त, 2022 को कालीघाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मैं शिकायत को आगे बढ़ाने के लिए दो बार गई, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।"
कुछ अधिकारियों का कहना है कि अगर दो साल पहले रॉय के खिलाफ कार्रवाई की गई होती, तो शायद शुक्रवार सुबह की घटना नहीं होती। टेलीग्राफ के मुकाबिक, एक अधिकारी ने कहा, "...लेकिन, दुर्भाग्य से उसके सिर पर पुलिस कल्याण बोर्ड के कुछ बड़े अधिकारियों का हाथ था।"
अस्पताल के एक रैकेट का हिस्सा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रॉय 2019 में एक सिविक वालंटियर के रूप में कोलकाता पुलिस के डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप में शामिल हुआ, लेकिन बाद में उसे पुलिस कल्याण बोर्ड में भेज दिया गया। इसके बाद वो आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल की पुलिस चौकी में चला गया और इस तरह उसका अस्पताल में आना जाना शुरू हुआ।
रॉय कथित तौर पर अस्पताल में उस रैकेट का भी हिस्सा था, जो मरीजों को भर्ती कराने और उन्हें बेड दिलाने के बदले उनके घर वालों से मौटा पैसा खाते थे। अगर किसी को सरकारी अस्पताल में बेड नहीं मिलता, तो वो मरीजों के रिश्तेदारों से पास के नर्सिंग होम में बेड की व्यवस्था कराने के नाम पर भी पैसा लेता था।
पुलिस वालों की तरह ही रहता
रेगुलर पुलिसकर्मी न होने के बावजूद, रॉय सबके सामने खुद को कोलकाता पुलिस का कर्मचारी ही बताता था। यहां तक कि वो कोलकाता पुलिस लिखी टी-शर्ट पहनता और बाइक पर KP (Kolkata Police) का स्टीकर लगा कर ही घूमता था। वो अक्सर पुलिस बैरक में रहने के लिए अपने कॉन्टैक्ट का इस्तेमाल करता था।
रिपोर्ट्स की मानें, तो उसके पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि संजय रॉय ज्यादातर देर रात को ही घर लौटता था और नशे की हालत में ही रहता था।
सिविक वालंटियर संविदा कर्मचारी होते हैं, जिन्हें ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपदा सहित अलग-अलग तरह के कामों में पुलिस की मदद के लिए भर्ती किया जाता है। उन्हें 12,000 रुपए सैलरी भी दी जाती है।
'अगर तुम चाहो तो मुझे फांसी पर लटका दो'
जानकारी के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में रॉय ने जल्द ही अपना अपराध कबूल लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे अपने किए का कोई पछतावा नहीं था और तो और उनसे पुलिस से ये तक कहा कि 'अगर तुम चाहो तो मुझे फांसी पर लटका दो।'
हालांकि, रॉय की मां उसके बचाव में सामने आई हैं और उस पर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा निर्दोष है। उसकी मां ने आरोप लगाया कि उसे फंसाया गया और पुलिस के दबाव में उसे अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया गया।
वो खौफनाक रात
रिपोर्ट में बताया गया कि रॉय ने पूछताछ करने वाले अधिकारियों को बताया कि ट्रेनी डॉक्टर के साथ दरिंदगी से कुछ घंटे पहले वो गुरुवार रात दो बार रेड-लाइट एरिया में गया था। CCTV फुटेज में रॉय को सुबह 4 बजे इमरजेंसी बिल्डिंग में घुसते और 40 मिनट बाद बाहर निकलते हुए देखा गया।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी की रहने वाली 31 साल की डॉक्टर पढ़ाई के लिए रात भर अस्पताल में रुकी थी। खाना खाने के बाद वो अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सेमिनार हॉल में सो गई। सुबह करीब 4 बजे आरोपी सेमिनार हॉल में घुसा और उसका रेप किया।
रूह कंपा देगी उसकी हैवानियत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि जब उसने विरोध करने और खुद को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। उसके बाद महिला के साथ जबरन बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के निजी अंग, हाथों और चेहरे पर कट के निशान पाए गए। रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि क्रूर हमले के कारण उसके चश्मे से कांच के टुकड़े टूटकर उसकी आंखों में घुस गए। सिर पर चोट लगने की भी खबर है, क्योंकि आरोपी ने मृतक के सिर को दीवार पर पटक दिया।
महिलाओं से नहीं करता था अच्छा व्यवहार
अपराध को अंजाम देने के बाद वो अपने क्वार्टर में लौट आया। जांच दल के अनुसार, घटना के बाद उसने अपने कपड़े धोकर सबूत मिटाने की भी कोशिश की। इसके बाद सुबह करीब 7.30 बजे पीड़िता की लाश सेमिनार हॉल में अर्धनग्न हालत में मिली।
रॉय की गतिविधियां काफी संदिग्ध पाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके चेहरे और हाथ पर भी कट निशान मिले हैं। सूत्र बताते हैं कि रॉय अस्पताल में महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता था।