Kolkata Doctor Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई तोड़फोड़ मामले में कोलकाता पुलिस ने 9 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि अज्ञात बदमाशों ने कोलकाता स्थित सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कैंपस में बुधवार (14 अगस्त) आधी रात के बाद घुसकर उसके कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इसी अस्पताल में पिछले सप्ताह एक ट्रेनी महिला डॉक्टर मृत पाई गई थी। अस्पताल में डॉक्टर के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या किए जाने की घटना के विरोध में महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच यह तोड़फोड़ हुई।
पुलिस के अनुसार, लगभग 40 लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के वेश में अस्पताल कैंपस में प्रवेश किया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर भी फेंके, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। अस्पताल में पुलिस चौकी में भी तोड़फोड़ की गई। कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
पीड़िता के परिवार का बयान दर्ज
इस बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक टीम ने गुरुवार को महिला पीजी ट्रेनी डॉक्टर के परिवार के सदस्यों का बयान दर्ज किया। महिला डॉक्टर की 9 अगस्त को आरजी कर एमसीएच के सेमिनार हॉल में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी।
कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, सीबीआई ने महिला डॉक्टर के कथित बलात्कार-हत्या मामले की जांच शुरू की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फैसले का समर्थन किया। लेकिन उन्होंने विपक्ष पर लगातार 6 दिनों से राज्य में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को हवा देने का आरोप लगाया।
32 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट महिला ट्रेनी डॉक्टर का अर्धनग्न शव 9 अगस्त को सरकारी अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था। इस मामले में कोलकाता पुलिस से जुड़े एक सिविक वालंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने अपना जूर्म कबूल कर लिया है।
नर्सों ने किया विरोध प्रदर्शन
अज्ञात बदमाशों द्वारा अस्पताल के एक हिस्से में तोड़फोड़ किए जाने के कुछ घंटों बाद नर्सों ने गुरुवार को इसके विरोध में प्रदर्शन किया। अस्पताल की नर्सों ने तोड़फोड़ किए जाने की घटना का विरोध किया। उन्होंने कैंपस में उचित सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारी नर्सों में से एक ने कहा, "अस्पताल के अंदर इस तरह की गुंडागर्दी अस्वीकार्य है।"
पुलिस के अनुसार, लगभग 40 लोगों का समूह प्रदर्शनकारियों के रूप में अस्पताल परिसर में घुसा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
पुलिस ने बताया कि लाठियां, ईंटें और छड़ें लेकर आए उपद्रवियों ने उत्तर कोलकाता स्थित अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, नर्सिंग स्टेशन, दवाघर और ओपीडी के एक हिस्से में तोड़फोड़ की। उपद्रवियों ने इलाके में और उसके आसपास के कई सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। पुलिस ने बताया कि इस घटना में एक पुलिस वाहन और मौके पर मौजूद कुछ दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा में कुछ पुलिस अधिकारी घायल भी हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद तोड़फोड़ की गई। अस्पताल में पुलिस चौकी में भी तोड़फोड़ की गई। इलाके का दौरा करने के बाद कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मीडिया के दुर्भावनापूर्ण अभियान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।