कोलकाता महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या मामले के खिलाफ 11 दिनों से देश भर के डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। इस बीच कई डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (22 अगस्त) को डॉक्टरों से हड़ताल खत्म कर काम पर वापस लौटने की अपील की थी। इसका असर दिखाई देने लगा है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, वीएमएमसी, दिल्ली एम्स और सफदरजंग अस्पताल ने अपनी देशव्यापी हड़ताल वापस ले ली है। इस बात जानकारी डॉक्टर्स एसोसिएशन ने देर रात प्रेस रिलीज जारी करके दी है। डॉक्टर्स 11 दिनों से हड़ताल पर थे।
बता दें कि कोलकाता मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन किया जा रहा था। देश के बड़े-बड़े अस्पतालों के डॉक्टर प्रदर्शन को लेकर सड़को पर उतरे हुए थे। जिसका असर मडिकल सेवाओं पर दिखा, जबकि इस दौरान अस्पताल में सभी इमरजेंसी सेवाएं जारी थी।
सुप्रीम कोर्ट की अपील के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल ली वापस
दरअसल, कोलकाता रेप मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हो रही है। इस दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूर्ण ने डॉक्टर्स से हड़ताल खत्म करने की अपील की थी। इसी के साथ सीजेआई डीवाई चंद्रचूर्ण ने सभी डॉक्टर्स को आश्वासन दिया कि अगर वो काम पर लौटेंगे तो कोई उन पर एक्शन नहीं लेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस बयान के बाद ही सबसे पहले दिल्ली के एम्स अस्पताल के डॉक्टर्स ने बीते 11 दिनों से चल रही हड़ताल को खत्म कर दिया। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, वीएमएमसी और अब सफदरजंग अस्पताल ने भी रेप के मामले को लेकर चल रही अपनी खत्म करने का ऐलान कर दिया।
लखनऊ में भी रेजीडेंट डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। जिसके बाद SGPGI, KGMU के डॉक्टरों ने फिर से अपना काम करना शुरु कर दिया है।
12 अगस्त से ठप थी सभी ओपीडी सेवाएं
बता दें कि 12 अगस्त को डॉक्टर्स एसोसिएशन ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन शुरू किया था। इसके तहत सभी ओपीडी सेवाएं ठप हो गई थी। हालांकि, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी थी। डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना था कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वो इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद कर देंगे।