कोलकाता के आरजीकर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर की हत्या और रेप के दोषी संजय रॉय को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोलकाता की सियालदह कोर्ट ने दोषी को ये सजा सुनाई। हालांकि, CBI अदालत से दोषी को फांसी की सजा देने की अपील की थी। पीड़िता के घर वालों ने भी अदालत से यही मांग की थी।
इसके अलावा अदालत ने संजय रॉय पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़िता के परिवार को 17 लाख रुपए का मुआवजा देने को भी कहा।
हालांकि, पीड़ित परिवार ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया। पीड़ित महिला डॉक्टर के पिता ने कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं चाहिए। उन्हें सिर्फ इंसाफ चाहिए थे।
मुझे फंसाया जा रहा है: संजय रॉय
इससे पहले कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या के दोषी संजय रॉय ने सोमवार को अदालत में दावा किया कि वह निर्दोष है और उसे गलत तरीके से दोषी ठहराया गया है।
रॉय को पिछले साल अगस्त में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म करने और उसकी गला दबाकर हत्या करने का दोषी ठहराया गया।
मामले में सजा सुनाए जाने से पहले रॉय ने अदालत से कहा, "मुझे फंसाया जा रहा है और मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मैंने कुछ भी नहीं किया है फिर भी मुझे दोषी ठहराया गया है।"
CBI ने की थी कड़ी सजा देने की मांग
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अनिर्बान दास ने रॉय को शनिवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत दोषी ठहराया।
कार्यवाही के दौरान केंद्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो (CBI) के वकील ने दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने का अनुरोध किया। एजेंसी के वकील ने अदालत से कहा, "हम समाज में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए कड़ी से कड़ी सजा का अनुरोध करते हैं।"