कोलकाता के आरजी कर अस्पताल बलात्कार-हत्या मामले में, कोलकाता की अदालत ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया और आरोपी संजय रॉय को 31 साल के डॉक्टर के बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराया। फैसला सुनाए जाने से पहले रॉय ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और बार-बार कहा, "वे मुझे फंसा रहे हैं...वे मुझे फंसा रहे हैं सर..."। उसने गवाहों के कठघरे में खड़े होकर कहा, "असली अपराधी अदालत से बाहर खुलेआम घूम रहे हैं।"
उसने कहा कि घटना के वक्त उसके गले में रुद्राक्ष की माला थी और उसने किया होता तो, वो माला टूट जाती। अदालत का अपना फैसला सुनाए जाने के बाद, जब रॉय को अदालत से बाहर ले जाया जा रहा था, तो उसे रोते हुए देखा गया। News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि संजय रॉय कल लॉक-अप में चुप था और उसने तभी बात की जब उसके वकील उससे मिलने आए।
कोलकाता की एक अदालत ने आरजी कर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपी संजय रॉय को शनिवार को दोषी करार दिया।
मामले की सुनवाई कर रही सियालदह अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास ने कहा कि वह इस मामले में सोमवार को सजा सुनाएंगे।
यह फैसला पिछले साल नवंबर में बंद कमरे में शुरू हुई सुनवाई के लगभग दो महीने बाद और नौ अगस्त 2024 को घटित इस जघन्य अपराध के 162 दिन बाद सुनाया गया।
इन धाराओं में दोषी पाया गया संजय रॉय
आरोपी संजय रॉय को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत बलात्कार और हत्या का दोषी पाया गया।
BNS 103(1) के तहत कम से कम आजीवन कारावास और अधिकतम फांसी की सजा के प्रावधान हैं।
फैसला सुनाये जाने के वक्त रॉय ने अदालत में दावा किया कि उसे फंसाया गया है, इस पर जज ने कहा कि उसे सोमवार को सजा सुनाये जाने से पहले अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
मृतका के माता-पिता ने आरोपी को दोषी करार दिए जाने के लिए जज को धन्यवाद दिया।