Betul Coal Mine : मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के कोयला खदान में बड़ा हादसा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को यहां खदान के एक फेज का स्लैब गिरने से कई मजदूर मलबे में दब गए हैं। अभी तक तीन मजदूरों की मौत हुई है। हादसे के बाद खदान की रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ और पुलिस बल मौके पर मौजूद है। कई मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका है।
वहीं इस हादसे की जानकारी होते ही बैतूल के डीएम नरेंद्र सूर्यवंशी एसपी निश्चल झारिया WCL के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। यह हादसा खदान के मुहाने से तीन 300 मीटर अंदर हुआ है।रेस्क्यू टीम ने खदान के अंदर घुसकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मलबे में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
बैतूल में कोयला खदान हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। राहत दल खदान के अंदर पहुंच चुका है और बाकी मजदूरों को निकालने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले भी बैतूल में ऐसे हादसों में कई मजदूरों की जान जा चुकी है। बैतूल एसपी निश्चल झारिया ने इस घटना की पुष्टि की है और खुद छतरपुर-1 खदान पर पहुंच गए हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कोयला खदान में छत गिरने के बाद मलबे के नीचे से निकाले गए तीन डब्ल्यूसीएल श्रमिकों की मौत हो गई है। पुलिस ने कहा कि मृतकों में से 2 स्थानीय थे, जबकि तीसरा व्यक्ति पड़ोसी छत्तीसगढ़ के कवर्धा का था। उसके परिवार से संपर्क किया जा रहा है। एसपी निश्चल झारिया ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, छत दोपहर करीब 3 बजे गिरी थी।