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Mahakumbh 2025: इस बार का महाकुंभ क्यों है इतना खास और कैसी हैं तैयारयां? यहां जानें कुछ दिलचस्प जानकारियां

महाकुंभ के दौरान शाही स्नान का दिन अत्यंत विशेष होता है। शाही स्नान के दिन, कुंभ मेला में लाखों-करोड़ों की संख्या में तीर्थयात्री एकत्र होते हैं। वहीं कुंभ में इस बार 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। महाकुंभ को लेकर प्रयागराज में काफी बड़े पैमाने पर तैयारियां की गईं हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 12, 2025 पर 4:48 PM
Mahakumbh 2025: इस बार का महाकुंभ क्यों है इतना खास और कैसी हैं तैयारयां? यहां जानें कुछ दिलचस्प जानकारियां
Mahakumbh 2025: इस बार का महाकुंभ क्यों है इतना खास और कैसी हैं तैयारयां?

Kumbh Mela 2025 : प्रयागराज,इन दिनों आध्यात्मिकता, संस्कृति और आर्थिक गतिविधियों के एक बड़े  केंद्र में तब्दील हो गया है। 13 जनवरी से प्रयागराज में महाकुंभ मेला शुरू होने वाला है। अगले 45 दिनों तक, प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा मानव समागम का आयोजन होगा। इस समागम में 40 से 45 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। कुंभ के दौरान श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि महाकुंभ में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है।

प्रयागराज में हो रहा महापर्व 

हिंदू धर्म के इस महापर्व के आयोजन पर आचार्य रामकिशोर तिवारी ने कहा, "महाकुंभ मेला केवल एक धार्मिक समागम नहीं है, बल्कि एक परिवर्तनकारी अनुभव है। यह वह जगह है जहाँ आस्था और ईश्वरत्व का मिलन होता है।" शाही स्नान का बेसब्री से इंतजार करते हुए भक्तों और साधुओं में उत्सुकता का माहौल है। कानपुर की 56 वर्षीय तीर्थयात्री सुशीला देवी ने अपना उत्साह साझा करते हुए कहा, "मैंने इस पवित्र क्षण का अनुभव करने के लिए वर्षों से प्रतीक्षा की है। संगम के जल में उतरने का विचार ही मेरी आँखों में आँसू ला देता है।" वहीं जूना अखाड़े के नागा साधु स्वामी ज्ञानानंद पुरी ने कहा, "शाही स्नान एक ऐसा समय है जब हम ईश्वर से उसके शुद्धतम रूप में जुड़ते हैं। हम इस पवित्र अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए महीनों तक ध्यान और उपवास करके तैयारी करते हैं।"

शाही स्नान का महत्व

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