केरल में विदेश से लौटे एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स (Monkeypox) के लक्षण दिखने के बाद उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने गुरुवार को बताया कि मरीज के सैंपल एकत्रित किए गए हैं और जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के नतीजे मिलने के बाद ही मंकीपॉक्स की पुष्टि की जा सकेगी।
जॉर्ज ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात से लौटे इस व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण देखे गए हैं। वह UAE में इस संक्रमण के एक मरीज के करीबी संपर्क में रहा था। उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी। आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मंकीपॉक्स पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला एक संक्रामक रोग है। इसके लक्षण चेचक के मरीजों के जैसे होते हैं।
मंकीपॉक्स किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के निकट संपर्क के माध्यम से या वायरस से दूषित सामग्री के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। WHO ने कहा कि यह आमतौर पर दो से चार सप्ताह तक चलने वाले लक्षणों के साथ एक आत्म-सीमित बीमारी है।
WHO को 39 देशों से मंकीपॉक्स के 1,600 से अधिक पुष्ट और लगभग 1,500 संदिग्ध मामलों की जानकारी दी गई है, जिनमें सात ऐसे देश शामिल हैं, जहां मंकीपॉक्स के मामले वर्षों से सामने आते रहे हैं। वहीं, 32 नए प्रभावित देश हैं। इसके अलावा, इस साल अब तक पहले से प्रभावित देशों से 72 लोगों की मौत की सूचना मिली है।
वहीं, नए प्रभावित देशों में अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। हालांकि, WHO ब्राजील से मंकीपॉक्स से संबंधित एक मौत की सूचना को सत्यापित करने का प्रयास कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम गेब्रेयेसस ने कहा कि मंकीपॉक्स का वैश्विक प्रकोप स्पष्ट रूप से असामान्य और चिंताजनक है।