BPCL Stake Sell: भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) में भारत सरकार की हिस्सेदारी बेचने की योजना को फिर झटका लगा है। सरकार ने 26 मई को बताया कि BPCL में स्ट्रैटेजिक डिसइनवेस्टमेंट के लिए जो एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOIs) मंगाने की जो प्रक्रिया चल रही थी उसे कैंसल कर दिया गया है।
डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने बताया कि सरकार अब BPCL में हिस्सेदारी बेचने की योजना पर दोबारा काम करेगी। हालात की समीक्षा के बाद सरकार स्टेक सेल का समय तय करेगी।
BPCL में सरकार की 53% हिस्सेदारी है। सरकार कहना है कि बोली लगाने वाली ज्यादातर कंपनियों ने पूरी हिस्सेदारी खरीदने में असमर्थता जाहिर की है। ऐसी रिपोर्ट हैं कि सिर्फ एक ऐसी कंपनी बची थी जो BPCL में सरकार की कुल 53% हिस्सेदारी खरीदना चाहती थी। सरकार सिर्फ एक कंपनी के साथ बोली की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी।
BPCL में सरकार की हिस्सेदारी खरीदने में पहले तीन कंपनियों ने दिलचस्पी जगाई थी। इनमें वेदांता ग्रुप, अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट और Squared Capital Advisors शामिल थे।
हालांकि वेदांता के अरबपति फाउंडर अनिल अग्रवाल 12 अरब डॉलर में BPCL को खरीदना चाहते थे। जबकि बाकी के दोनों बिडर्स सुस्त अर्थव्यवस्था की वजह से इस डील से पीछे हट गए थे।
देश के एक बड़े ब्यूरोक्रैट ने इस साल फरवरी में कहा था कि सरकार BPCL में हिस्सेदारी बेचने की जल्दबाजी नहीं दिखाएगी और सिर्फ एक बिडर्स के साथ इस डील में आगे नहीं बढ़ेगी।