केंद्रीय ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मिनिस्टर नितिन गडकरी ने सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट मुहैया कराने के मकसद से नई स्कीम का ऐलान किया है। अगर पुलिस को दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर सूचना दी जाती है, तो यह स्कीम 7 दिनों तक या ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये तक पीड़ित के इलाज का खर्च वहन करेगी।
हिट एंड रन केस में हुई मौत के मामले में मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये मिलेंगे। उन्होंने भारत मंडपम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ' हमने इस कैशलेस प्रोजेक्ट को कुछ राज्यो में पायलट आधार पर लागू किया था। हमने इस स्कीम में कुछ गड़बड़ी पाई है। हम इसमें सुधार कर रहे हैं और यह निश्चित तौर पर फायदेमंद होगी।'
गडकरी ने कुछ राज्यों के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर्स के साथ बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने बताया, 'हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता सड़क की सुरक्षा है। 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में 1.8 लाख लोगों की मौत हुई। इनमें से 30,000 लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हुई। एक और गंभीर मसला यह है कि इन भयंकर दुर्घटनाओं में 66 पर्सेंट लोग 18-34 साल की आयु वर्ग के हैं। हमारे स्कूल और कॉलेजों में गड़बड़ एंट्री और एग्जिट प्वाइंट की वजह से 10,000 बच्चों की मौत हो गई।'
उन्होंने कहा, 'ड्राइविंग लाइसेंस के बिना हुई दुर्घटनाओं की वजह से तकरीबन 3,000 लोगों की मौत हुई। हमारी बैठक का एक प्रमुख एजेंडा ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर है। हमारे देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी है। हमने इस सिलसिले में नई पॉलिसी भी बनाई है।' गडकरी ने पुरानी गाड़ियों को हटाने की भी बात कही। उन्होंने कहा, 'पुरानी गाड़ियों को हटाने की वजह से हमारे ऑटोमोबाइल सेक्टर की ग्रोथ की रफ्तार बढ़ेगी। इस वजह से एल्युमीनियम, कॉपर, स्टील और प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग होगी।'
गडकरी ने बताया, 'मारुति सुजुकी का स्क्रैपिंग सेंटर कुछ ऐसे पार्ट्स को जापान एक्सपोर्ट कर रहा है। स्कैपिंग पॉलिसी देश में और रोजगार पैदा करेगी। केंद्र और राज्य सरकारें इसके जरिये 18,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जीएसटी हासिल करेंगी।'