ओडिशा में एक और ट्रेन हादसा, बरगढ़ में मालगाड़ी की कई बोगियां पटरी से उतरीं

Odisha Train Accident: न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, ईस्ट कोस्ट रेलवे ने एक बयान जारी कर कहा, "बारगढ़ जिले के मेंधापाली के पास एक निजी सीमेंट फैक्ट्री द्वारा संचालित मालगाड़ी के कुछ डिब्बे फैक्ट्री परिसर के अंदर पटरी से उतर गए। इस मामले में रेलवे की कोई भूमिका नहीं है।"

अपडेटेड Jun 05, 2023 पर 12:02 PM
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Odisha Train Accident: इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फिलहाल, बचाव कार्य जारी है

ओडिशा (Odisha Train Accident) में एक और ट्रेन हादसे की खबर आ रही है। ओडिशा के बारगढ़ (Bargarh) में सोमवार को एक मालगाड़ी हादसे का शिकार हो गई है। बताया जा रहा है कि मालगाड़ी की 5 बोगियां पटरी से उतर गई हैं। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फिलहाल, बचाव कार्य जारी है। बता दें कि इससे पहले ओडिशा के बालासोर (Balasore Train Accident) में दो मई की शाम भीषण ट्रेन हादसा हो गया था, जिसमें 275 लोगों की मौत हो गई और 1,000 से अधिक लोग घायल हैं। हालांकि, ओडिशा के बालासोर रेल हादसे के 51 घंटे बाद पटरियों पर एक बार फिर गाड़ी दौड़ने लगी है। ट्रेन दुर्घटना बालासोर जिले में बहनागा बाजार स्टेशन के पास हुई।

ओडिशा के बालासोर में हादसे वाली जगह पर सोमवार सुबह से रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है। रविवार देर रात मालगाड़ी का ट्रायल किया गया था। इस मौके पर खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद थे। उन्होंने मालगाड़ी को हाथ जोड़कर रवाना किया। इस दौरान वह मृतकों के परिवारों का जिक्र कर रोने लगे।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, ईस्ट कोस्ट रेलवे ने एक बयान जारी कर कहा, "बारगढ़ जिले के मेंधापाली के पास एक निजी सीमेंट फैक्ट्री द्वारा संचालित मालगाड़ी के कुछ डिब्बे फैक्ट्री परिसर के अंदर पटरी से उतर गए। इस मामले में रेलवे की कोई भूमिका नहीं है।" रलेव ने कहा कि यह पूरी तरह से एक निजी सीमेंट कंपनी की नैरो गेज साइडिंग है। कंपनी द्वारा रोलिंग स्टॉक, इंजन, वैगन, ट्रेन ट्रैक (नैरो गेज) सहित सभी बुनियादी ढांचे का रखरखाव किया जा रहा है।


रेलवे ने ओडिशा ट्रेन हादसे में रविवार को एक तरह से चालक की गलती और सिस्टम की खराबी की संभावना से इनकार किया। साथ ही संभावित तोड़फोड़ और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से छेड़छाड़ का संकेत दिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दुर्घटना के असल कारण का पता लगा लिया गया है। इसके लिए जिम्मेदार अपराधियों की पहचान कर ली गई है।

बालासोर जिले में दुर्घटनास्थल पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘यह (हादसा) इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और प्वाइंट मशीन में किए गए बदलाव के कारण हुआ।’ बता दें कि कोरोमंडल एक्सप्रेस दो मई की शाम करीब 7 बजे एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे इसके अधिकतर डिब्बे पटरी से उतर गए।

कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे उसी समय वहां से गुजर रही बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस के कुछ पिछले डिब्बों पर पलट गए। रेलवे की शुरुआती जांच में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम में गड़बड़ी को हादसे की वजह बताया गया। इस गड़बड़ी की वजह से कोरोमंडल एक्सप्रेस मेन लाइन के बजाय लूप लाइन में चली गई। बाद में रेलवे की तरफ से ट्रेन हादसे में लोको पायलट की गलती और सिस्टम की खराबी की संभावना से इनकार किया गया।

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साथ ही संभावित 'तोड़फोड़' और 'इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग' और प्वाइंट मशीन से छेड़छाड़ का संकेत की भी बात सामने आ रही है। रेलवे ने रविवार को बालासोर ट्रेन दुर्घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग की। सीबीआई अब इस मामले की जांच कर सच खोजने में जुटेगी।

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