JFK's Forgotten Crisis : संसद में जिस किताब को पढ़ने की पीएम मोदी ने दी सलाह, जानें क्या लिखा है उसमें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने अपने भाषण में विदेश नीति की भी चर्चा की, उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि विदेश नीति की चर्चा नहीं करेंगे तो मैच्योर नहीं लगेंगे, भले ही देश का नुकसान हो जाए। अगर वास्तव में उनको पढ़ना है तो एक किताब जरूर पढ़ें। पीएम मोदी ने सदन में जिस किताब का नाम लिया है, उसकी पहले भी काफी चर्चा हो चुकी है

अपडेटेड Feb 04, 2025 पर 9:27 PM
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संसद में किस किताब को पढ़ने की पीएम मोदी ने दी सलाह

PM Narendra Modi  Lok Sabha Speech : लोकसभा में मंगलवार को राष्‍ट्रपत‍ि के अभ‍िभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष पर काफी हमलावर दिखे। अपने भाषण में पीएम मोदी ने गांधी परिवार से लेकर विदेश नीति पर अपनी बात रखी। वहीं राष्‍ट्रपत‍ि के अभ‍िभाषण पर चर्चा करते पीएम मोदी ने विपक्ष के सांसदों को एक नई किताब पढ़ने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कि, 'विदेश नीति के विषय में वाकई दिलचस्पी है तो JFK's Forgotten Crisis' यह किताब एक प्रसिद्ध विदेश नीति विद्वान ने लिखी है। इसे जरुर पढ़ना चाहिए।'

लोकसभा मे पीएम मोदी का ये किताब पढ़ने का सुझाव तब आया जब उन्होंने, चीन सीमा विवाद को संभालने की आलोचना करने वालों पर तंज कसा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यहाँ विदेश नीति पर भी चर्चा हुई। कुछ लोगों को लगता है कि अगर वे विदेश नीति पर नहीं बोलते हैं, तो वे परिपक्व नहीं दिखते। उन्हें लगता है कि उन्हें विदेश नीति पर ज़रूर बोलना चाहिए, भले ही इससे देश को नुकसान हो। मैं ऐसे लोगों से कहना चाहूँगा - अगर उन्हें विदेश नीति के विषय में वाकई दिलचस्पी है, अगर वे इसे समझना चाहते हैं और आगे बढ़कर कुछ करना चाहते हैं, तो उन्हें एक किताब ज़रूर पढ़नी चाहिए।"

पीएम मोदी ने किस किताब की किया जिक्र


पीएम मोदी ने आगे कहा कि, 'JFK's Forgotten Crisis' यह किताब एक प्रसिद्ध विदेश नीति विद्वान ने लिखी है। इस किताब में पहले पीएम का ज़िक्र है, जो विदेश नीति को भी देखते थे। यह किताब पंडित नेहरू और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के बीच हुई चर्चाओं और निर्णयों के बारे में विस्तार से बताती है। जब देश कई चुनौतियों का सामना कर रहा था, उस समय विदेश नीति के नाम पर क्या किया जा रहा था, उसे इस किताब के ज़रिए सामने लाया गया है।"

किताब में हैं रोचक जानकारियां

बता दें कि यह किताब अमेरिकी विदेश नीति के एक्सपर्ट ब्रूस राइडल द्वारा लिखी गई है और जॉन एफ केनेडी के राष्ट्रपति काल के दौरान राजनीतिक और कूटनीतिक संकटों पर आधारित है। ब्रूस राइडल सीआईए के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस किताब में 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र है और बताया गया है कि कैसे उस समय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी को पत्र लिखकर भारत को लड़ाकू विमान देने की अपील की थी, ताकि चीन के आक्रमण का सामना किया जा सके। इस किताब में नेहरू की कूटनीति और उस समय की चुनौतियों पर चर्चा की गई है।

इस किताब में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां दी गई हैं। इस किताब मार्च 1962 में अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन कैनेडी और उनकी पत्नी जैकलीन कैनेडी की भारत यात्रा का भी जिक्र है। किताब में बताया गया है कि जब जैकलीन कैनेडी भारत आईं, तो उनके लिए एक विला किराए पर लिया गया था। लेकिन नेहरू ने उनसे आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री आवास के अतिथि कक्ष में ठहरें। यह वही कमरा था, जिसे एडविना माउंटबेटन अक्सर इस्तेमाल करती थीं। एडविना माउंटबेटन आज़ादी के बाद भी कई बार भारत आई थीं और उनकी नेहरू से करीबी दोस्ती थी। इस यात्रा से भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर भी चर्चा हुई थी।

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