Anna Hazare on Arvind Kejriwal Arrest: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की गिरफ्तारी के बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने शुक्रवार को कहा कि AAP प्रमुख की गिरफ्तारी उनके अपने "कर्मों" के कारण हुई है। हजारे ने शुक्रवार को कहा, "मैं इस बात से बहुत परेशान हूं कि अरविंद केजरीवाल, जो मेरे साथ काम करते थे, शराब के खिलाफ आवाज उठाते थे, अब शराब नीतियां बना रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी उनके अपने कर्मों के कारण हुई है।"
प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया, जिसमें आप के दो वरिष्ठ नेता पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।
अरविंद केजरीवाल 2011 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने प्रसिद्धि हासिल की, 2012 में अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाई और मुख्यमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ा।
'मैंने केजरीवाल को शराब नीति पर पत्र लिखा'
शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, हजारे ने कहा, “जब मुझे दिल्ली में नई शराब नीति बनाने की योजना के बारे में पता चला, तो मैंने उन्हें एक पत्र लिखा था। मैंने उनसे कहा कि एक सरकार के रूप में निर्णय लेना आपका विशेषाधिकार है, लेकिन आप शराब पर ध्यान क्यों दे रहे हैं? जिससे समाज में बहुत परेशानी होती है। समाज में और भी मुद्दे हैं, सब जानते हैं कि शराब बुरी है, तो फिर क्या शराब को लेकर नीति बनाना उचित है? यही मैंने उनसे कहा था।”
अन्ना ने आगे कहा, “मेरे पत्रों के बावजूद, उन्होंने अपना रुख नहीं बदला और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें उनके कर्मों के कारण गिरफ्तार किया गया है। अगर उन्होंने शराब नीति नहीं बनाई होती तो उनकी गिरफ्तारी का सवाल ही नहीं उठता। अब जब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, तो अदालतें और सरकार तय करेंगी कि क्या उचित है और क्या अनुचित।”
केजरीवाल के और साथी ने जताई निराशा
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एन संतोष हेगड़े ने भी कहा कि वह आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूरी तरह निराश हैं। भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हेगड़े उन लोगों में शामिल हैं, जो एक दशक से ज्यादा समय पहले अन्ना हजारे की ओर से चलाए गए ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन में केजरीवाल के साथ शामिल थे।
उन्होंने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, "इससे साफ दिखाई देता है कि जब आप सत्ता में होते हैं, तो लालच आप पर हावी हो जाता है।"
हेगड़े ने कहा, ‘‘मैं पूरी तरह निराश हूं। मैंने सोचा था कि ‘आप’ प्रशासनिक निष्पक्षता लाएगी जबकि ऐसा नहीं है। और यह इस तथ्य का संकेत है कि सत्ता भ्रष्ट बनाती है और संपूर्ण सत्ता पूरी तरह भ्रष्ट कर देती है।’’
आंदोलन ने जब आम आदमी पार्टी (AAP) के रूप में राजनीतिक दल का रूप ले लिया था, तो कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त हेगड़े इससे अलग हो गए थे।