Delhi Liquor Scam: के कविता को 'सुप्रीम' झटका, SC ने जमानत देने से किया इनकार, ट्रायल कोर्ट जाने को कहा

Delhi Liquor Scam Case: सुप्रीम कोर्ट ने कविता से जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने को कहा क्योंकि शीर्ष अदालत संविधान के आर्टिकल 32 के तहत राहत याचिका स्वीकार नहीं कर सकती। कविता को पिछले हफ्ते दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया गया था

अपडेटेड Mar 22, 2024 पर 3:15 PM
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Delhi Liquor Scam: कविता को पिछले हफ्ते दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया गया था

Delhi Liquor Scam Case: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (22 मार्च) को भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता (BRS leader K. Kavitha) को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिन्हें दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कविता से जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने को कहा क्योंकि शीर्ष अदालत संविधान के आर्टिकल 32 के तहत राहत याचिका स्वीकार नहीं कर सकती। कविता को पिछले हफ्ते दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया गया था।

जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कविता से निचली अदालत में जाने को कहा। पीठ ने कहा कि यह एक प्रक्रिया है जिसका यह अदालत पालन कर रही है और वह प्रोटोकॉल को नजरअंदाज नहीं कर सकती। पीठ ने कहा कि जहां तक PMLA के प्रावधानों को चुनौती देने वाली कविता की याचिका है, अदालत प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी कर रही है और छह सप्ताह में उससे जवाब देने को कह रही है।

कविता का तर्क


कविता की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से पीठ ने कहा, "प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका लंबित मामलों के साथ ली जाएगी।" सिब्बल ने शुरुआत में कहा कि उनका अदालत से एक अनुरोध है कि उन्हें हाई कोर्ट जाने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "कृपया देखिए हमारे देश में क्या हो रहा है। एक सरकारी गवाह के बयान के आधार पर लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। मैं बहुत निराश हूं।"

पीठ ने सिब्बल से कहा, "वकील के तौर पर आपको कभी निराश नहीं होना चाहिए। इतना भावुक मत होइए। मुख्य रिट याचिका को जुलाई में अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए रखा जा सकता है। जहां तक जमानत की बात है, हमारा बहुत स्पष्ट रुख है कि आपको निचली अदालत में जाना होगा।" सिब्बल ने जब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का जिक्र किया तो पीठ ने उनसे राजनीतिक बयानबाजी नहीं करने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कर्ट ने कहा, "हमारा रुख बहुत स्पष्ट है और हम एकरूपता के साथ इस पीठ में इस प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। हम सैद्धांतिक रूप से इस बात से सहमत हैं कि हमें इसलिए सभी वैधानिक और संवैधानिक फोरम को नजरअंदाज नहीं कर देना चाहिए, क्योंकि कोई राजनीतिक व्यक्ति है या कोई ऐसा है जो सीधे सुप्रीम कोर्ट में आने का खर्च उठा सकता है।"

तब सिब्बल ने केस फाइल और ED द्वारा अदालत में पिछले साल सितंबर में दिए गए बयानों का उल्लेख किया कि वह आरोपी नहीं हैं। पीठ ने कहा कि इस समय वह मामले के गुण-दोषों पर विचार नहीं कर रही। पीठ ने कहा, "आप हमसे जो करने के लिए कह रहे हैं, वह हमारे हिसाब से स्वीकार्य नहीं है।" इसके बाद सिब्बल ने कहा कि वह राहत के लिए निचली अदालत जाएंगे।

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तेजी से फैसले का दिया आदेश

संवैधानिक पीठ ने आदेश दिया कि यदि कविता निचली अदालत में कोई जमानत अर्जी दायर करती हैं तो इस पर तेजी से फैसला होना चाहिए। कविता ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में ED द्वारा अपनी गिरफ्तारी को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य (MLC) और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी कविता को 15 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 23 मार्च तक उन्हें ED की हिरासत में भेज दिया गया था।

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