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अयोध्या विवाद से ना सिर्फ बाबरी ढांचा गिरा बल्कि एक PM और CM की कुर्सी भी गिरी

मंदिर के समर्थन में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 25 सितंबर, 1990 को द्वारका से अयोध्या तक के लिए रथ यात्रा शुरू की थी

Surendra Kishoreअपडेटेड Dec 06, 2021 पर 9:39 AM
अयोध्या विवाद से ना सिर्फ बाबरी ढांचा गिरा बल्कि एक PM और CM की कुर्सी भी गिरी
अयोध्या के बाबरी ढांचे को गिराने की बड़ी कीमत तत्कालीन मुख्य मंत्री कल्याण सिंह ने चुकाई थी

अयोध्या के बाबरी ढांचे को गिराने की बड़ी कीमत तत्कालीन मुख्य मंत्री कल्याण सिंह ने चुकाई थी। न सिर्फ उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी गई बल्कि एक दिन तिहाड़ जेल में भी बिताना पड़ा। अदालत की अवमानना के आरोप में कल्याण सिंह को जेल की सजा हुई थी। दरअसल बाबरी ढांचे को गिराने वालों पर गोली ने चलाने का सख्त आदेश तत्कालीन मुख्य मंत्री कल्याण सिंह ने अपनी पुलिस को दे रखा था।

6 दिसंबर, 1992 को भीड़ लगातार ढाई घंटे तक ढांचे को ढाहती रही,किंतु उत्तर प्रदेश पुलिस मूक दर्शक बनी रही। इसकी कीमत तो कल्याण सिंह को चुकानी ही थी। उससे पहले सन 1990 में रथयात्री एल.के. आडवाणी की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने प्रधान मंत्री वी.पी.सिंह की सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया।उससे सरकार अल्पमत में आ गई। इस तरह मंदिर आंदोलन के कारण ही केंद्र की वी.पी.सरकार गिरा दी गई।

बाद में घटनाओं के कई दौर से गुजरते हुए अंततः 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों के पीठ ने सर्वसम्मत फैसला देते हुए मुख्य स्थल पर ही राम मंदिर बनाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कल्याण सिंह ने कहा कि ‘‘मेरे दिल में आकांक्षा थी कि भव्य राम मंदिर बन जाए।

अब अंतिम इच्छा यही है कि मेरे जीवनकाल में मंदिर बनकर तैयार हो जाए तो शांति से मृत्यु को वरण कर सकूं।मैं चाहता हूं कि वहां दुनिया का सबसे बड़ा और भव्य मंदिर बने।’’ हालांकि यह नहीं हो सका। कल्याण सिंह इस बीच दुनिया में नहीं रहे। अयोध्या में राम मंदिर बने,ऐसी इच्छा कल्याण सिंह की ही नहीं,बल्कि करोड़ों लोगों की रही है। इसीलिए संविधान के अनुच्छेद-142 में प्रदत्त अपने विशेषाधिकार के प्रावधान का प्रयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मत फैसला दिया। उससे भी बेहतर बात यह हुई कि अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकतर लोगों ने उस फैसले को स्वीकार कर भी लिया। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए राह बना दी।

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