Babul Supriyo Resignation: राजनीति को कहा अलविदा, बोले- सांसद पद से भी दे रहा हूं इस्तीफा, छोड़ दूंगा सरकारी आवास

पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने शनिवार को एक लंबे फेसबुक पोस्ट के जरिए राजनीति से अपने सन्यास की घोषणा की

अपडेटेड Aug 01, 2021 पर 8:19 AM
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने शनिवार को घोषणा की कि वह राजनीति छोड़ देंगे, क्योंकि उन्हें अब कुछ समय चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि वे सांसद पद से भी इस्तीफा दे रहे हैं। गायक से नेता बने बाबुल ने एक लंबे फेसबुक पोस्ट में लिखा कि राजनीति से जुड़े बिना भी सामाजिक काम किए जा सकते हैं। 

अपने फेसबुक पोस्ट में सांसद ने लिखा, "मैंने सुना है कि मेरे पिता, पत्नी, बेटी और कुछ करीबी दोस्तों का क्या कहना था। मैं सब कुछ सुनने के बाद ये कह रहा हूं कि मैं किसी और पार्टी में नहीं जा रहा हूं। मैं पुष्टि कर रहा हूं कि मैं कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहा हूं, CPM में नहीं। न उन्होंने मुझे बुलाया है, न मैं जा रहा हूं। मैं एक टीम का खिलाड़ी हूं.. वो सिर्फ पश्चिम बंगाल BJP है.. बस!

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पोस्ट किया, "मैं एक महीने के भीतर अपना घर (सरकार की तरफ से मिला आवास) छोड़ दूंगा। मेरे सांसद पद से भी इस्तीफा दे रहा हूं।"

दो बार सांसद रहे बाबुल सुप्रियो उन 12 मंत्रियों में शामिल थे, जिन्हें 7 जुलाई को एक बड़े फेरबदल के तहत प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। अप्रैल-मई में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के अरूप विश्वास से हारने के बाद उनकी किस्मत पर मुहर लगने की संभावना थी।

सोशल मीडिया पर बंगाली भाषा में एक लंबी पोस्ट में, BJP नेता ने कहा, "मैंने आप में से कुछ को खुश किया है, कुछ को दुखी किया है, लेकिन लंबी चर्चा के बाद कह रहा हूं कि मैं जा रहा हूं।" सुप्रियो ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में, मैं अमित शाह और जेपी नड्डा जी के पास गया हूं, मैंने उन्हें वही बताया है जो मुझे लगता है।

बीजेपी के नेतृत्व वाली NDA सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान, सुप्रियो ने नवंबर 2014 से जुलाई 2016 तक शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन राज्य मंत्री और जुलाई 2016 से मई 2019 भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यमों के राज्य मंत्री के रूप में काम किया। उन्होंने पर्यावरण राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया।


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हारने के बाद कैबिनेट में बदलाव के दौरान पद से इस्तीफा, हाल के दिनों में बाबुल के राजनीतिक करियर को ये दो बड़े झटके लगे। कहा ये भी जाता है कि बाबुल सुप्रियो के प्रदेश BJP अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ भी संबंध मुश्किल रहे हैं।

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