लोकसभा सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में निकाली जा रही कांग्रेस (Congress) की ‘भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra)’ शुक्रवार को कश्मीर घाटी का प्रवेश द्वार कहलाने वाले जम्मू-कश्मीर के बनिहाल (Banihal) में काजीगुंड (Qazigund) के पास अस्थाई रूप से रोक दी गई। यात्रा को रोकने से पहले कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर सुरक्षा में सेंध और भीड़ के कुप्रबंधन का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि काजीगुंड पहुंचने के बाद राहुल गांधी तय कार्यक्रम के तहत दक्षिण कश्मीर में वेस्सु की तरफ पदयात्रा करने लगे। लेकिन तभी पार्टी कार्यकर्ताओं ने अचानक पाया कि यात्रा का बाहरी सुरक्षा घेरा गायब हो चुका है, जिसका प्रबंधन जम्मू-कश्मीर पुलिस संभाल रही थी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल को शुक्रवार को 11 किलोमीटर की पदयात्रा करनी थी, लेकिन उनके 500 मीटर की दूरी तय करने के बाद ही यात्रा को अस्थाई रूप से रोकना पड़ा। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सुरक्षा कारणों से हमें यात्रा को अस्थाई रूप से रोकना पड़ा है, क्योंकि सुरक्षा तंत्र द्वारा मंजूर यात्रा मार्ग पर भीड़ का कुप्रबंधन देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के प्रति अपना लगाव दर्शाने के लिए जहां बड़ी संख्या में लोग ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने पहुंचे थे। वहीं लोगों के कांग्रेस नेता के काफी करीब आने के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी थीं।
वरिष्ठ नेता के मुताबिक, खराब सुरक्षा व्यवस्था के कारण राहुल के सुरक्षा दल ने उन्हें पदयात्रा जारी रखने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने बताया कि राहुल कार चलाकर यात्रा के रात्रि पड़ाव खानाबल पहुंचे।
राहुल गांधी ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि आज यात्रा के दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई। टनल से निकलने के बाद पुलिसकर्मी नहीं दिखे। मेरे सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि हम और नहीं चल सकते। मुझे अपनी यात्रा रोकनी पड़ी बाकी लोग यात्रा कर रहे थे। भीड़ को काबू करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा, "आज बड़ी संख्या में लोग यात्रा में आए थे। लेकिन एका एक पुलिस व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गई। मेरे सुरक्षाकर्मी मेरे आगे पैदल चलने के खिलाफ थे। उनकी बात सुनकर मुझे अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। आशा करता हूं कि कल और परसों यात्रा के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।"
बनिहाल में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यहां संबंधित एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया है। पिछले 15 मिनट से यहां भारत जोड़ो यात्रा के साथ कोई सुरक्षा अधिकारी नहीं है। यह एक गंभीर चूक है। राहुल गांधी और अन्य यात्री बिना किसी सुरक्षा के नहीं चल सकते।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने ट्वीट किया जम्मू-कश्मीर प्रशासन “राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को सुरक्षा उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है।” उन्होंने कहा, “सुरक्षा चूक केंद्र-शासित प्रदेश के प्रशासन के अनुचित और लापरवाह रवैये को दर्शाती है।”
कांग्रेस के आरोपों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर सफाई दी है। पुलिस ने कहा कि यात्रा के रूट पर सिर्फ आयोजकों द्वारा अधिकृत व्यक्तियों और तलाशी लेने के बाद भीड़ को अंदर जाने की अनुमति दी गई थी। भारत जोड़ो यात्रा के आयोजकों और जिम्मेदारों ने बनिहाल से यात्रा में शामिल होने वाली भीड़ के बारे में सूचित नहीं किया और शुरुआती पॉइंट के पास ही बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी।
पुलिस ने अपने ट्वीट में बताया कि यात्रा की सुरक्षा को लेकर CAPF की 15 कंपनियों और पुलिस की 10 कंपनियों समेत ROP और QRT, रूट डोमिनेशन, लेटरल डिप्लॉयमेंट और SF को हाई-रिज और अन्य स्थानों पर तैनात किया गया था।
पुलिस ने कहा कि आयोजकों ने एक किलोमीटर चलने के बाद यात्रा को बंद करने का निर्णय लिया। ये निर्णय लेने से पहले पुलिस से कोई चर्चा नहीं की गई। शेष यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी रही। सुरक्षा में जरा-भी चूक नहीं हुई। हम फुलप्रूफ सुरक्षा मुहैया कराएंगे।