Bihar Politics: बिहार (Bihar) में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने BJP को झेटका देते हुए, दो दिन के भीतर पाला बदल लिया और RJD, कांग्रेस (Congress) के साथ एक बार फिर महागठबंधन (mahagathbandhan) की सरकार बना ली। हालांकि, झटकों का ये सिलसिला यहीं नहीं थमने वाले हैं। महागठबंधन अब राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस (Pashupati Paras) को तगड़ा झटका देने जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के तीन सांसद जल्द ही महागठबंधन का दामन थाम सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो ये बिहार में BJP के नेतृत्व वाले NDA के लिए बड़ा नुकसान होगा।
खबर है कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद चंदन सिंह और बीना देवी नीतीशु कुमार की JDU को समर्थन देंगे। वहीं सांसद महबूब अली केसर तेजस्वी यादव की RJD को समर्थन देंगे।
वर्तमान में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पांच सांसद हैं। अगर इनमें से तीन महागठबंधन में चले जाते हैं, तो पार्टी के दो ही सांसद बचेंगे। इसमें एक खुद केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस और दूसरे उनके बेटे प्रिंस राज।
हमारी पार्टी 100 प्रतिशत BJP के साथ है- पशुपति पारस
जिस दौरान बिहार में सियासी उथल-पुथल मचा था, तब राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने जोर दिया था कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ रहेगी, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा दूसरा नेता मिलना नामुमकिन है।
पारस ने अपनी पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद PTI से कहा, "हमारी पार्टी 100 प्रतिशत BJP के साथ है।" बैठक में BJP को समर्थन देने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और दिग्गज दलित नेता रामविलास पासवान के नेतृत्व में 2014 में BJP के साथ गठबंधन करने का फैसला किया गया था और उनकी पार्टी उस फैसले पर कायम रहेगी।
बतां दें कि लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी। रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति पारस आमने सामने आ गए थे। पार्टी के दो फाड़ होने से पहले लोकसभा में 6 सांसद थे, लेकिन उनमें से पांच सांसद बाद में पशुपति पारस के गुट में शामिल हो गए थे।