बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) द्वारा 10 लाख नौकरी देने के वादे पर पहली बार बयान दिया, जो आरजेडी नेता ने 2020 में विधानसभा चुनाव के दौरान किया था। तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरियों वाले वादे का समर्थन करते हुए CM नीतीश कुमार ने कहा कि इस पर काम जारी है।
तेजस्वी के वादे वाले सवाल पर नीतीश कुमार ने पत्रकारों से कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं, हमारा पूरा प्रयास रहेगा। 2015-2016 में भी हमने जो कहा था वो किया। उसका दूसरा चरण भी लाया गया। उसके अलावा भी बहुत काम किया है। हमने भी कहा है कि अधिक से अधिक रोजगार मिलना चाहिए।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के युवा नेता ने गुरुवार को 10 लाख नौकरियां देने के अपने उस वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता फिर से जताई, जो उन्होंने विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान किया था। यादव ने कहा कि उनकी नवगठित सरकार 2020 में विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 10 लाख नौकरियां देने के आरजेडी के वादे को पूरा करेगी।
इस बीच, एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में बहुत सारे पद खाली हैं। हम इन्हें भरेंगे। फिलहाल, हम विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद पूरी तरह से सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं।
तेजस्वी ने कहा कि यह सिर्फ एक वादा नहीं था, बल्कि बिहार में रोजगार सृजन की बहुत आवश्यकता है। हम इससे मुकरने के बारे में नहीं सोच सकते, क्योंकि चुनाव में आरजेडी के नेतृत्व वाले गठबंधन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की तुलना में सभी 243 विधानसभा सीटों पर केवल 12,000 वोट कम मिले थे। हमें लोगों ने अपना भरपूर आशीर्वाद दिया था।
बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से हटाए जाने और मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनका नाम सामने आने के बीच, जब तेजस्वी यादव से यह पूछा गया कि क्या वह केंद्रीय एजेंसियों के डर से परेशान हैं? इस उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मैं ईडी और सीबीआई द्वारा मेरे घर के भीतर अपना दफ्तर खोलने का स्वागत करूंगा। अगर इससे भी शांति नहीं मिलती, तो मैं उनकी मदद नहीं कर सकता।
साल 2015 के विधानसभा चुनाव के बाद JDU-RJD-कांग्रेस की महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद संभाल चुके 33 वर्षीय आरडेजी नेता ने कहा कि महागठबंधन शब्द तब अस्तित्व में आया था, जब नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद से हाथ मिलाया था। हम बहुत खुश हैं कि वह हमारे साथ वापस आ गए हैं।