कांग्रेस (Congress) पार्टी ने शनिवार 19 अगस्त को आरोप लगाया कि मोदी सरकार आगामी G20 बैठक का इस्तेमाल कर "चुनावी कैंपेन" चला रही है। पार्टी ने यह भी कहा कि सरकार ऐसा जरूरी मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रही है। G20 नेताओं का आगामी 9-10 सितंबर को भारत मंडपम इंटरनेशनल एग्जिबिशन-कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाला है। कांग्रेस पार्टी के महासचिव, जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखे एक पोस्ट में कहा, "G20 का गठन 1999 में हुआ था। 19 देश और यूरोपीयन यूनियन इसके सदस्य हैं। इसके गठन से लेकर अब तक बारी-बारी से 17 देशों में G20 शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ है। अब भारत का नंबर है। "
उन्होंने आगे कहा, "... लेकिन यहां इसे लेकर जिस तरह का चुनावी कैंपेन चलाया जा रहा है और माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, वैसा किसी भी दूसरे देश में नहीं हुआ। वास्तव में ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों के जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके। हमें याद रखना चाहिए कि इसी नई दिल्ली में 1983 में 100 से अधिक देशों का गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन और उसके बाद कॉमनवेल्थ देशों का शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित हो चुका है। लेकिन तब की सरकार ने चुनावी फायदे के लिए उन मौकों का इस्तेमाल नहीं किया।"
जयराम रमेश ने कहा, "इस मौके पर मुझे लालकृष्ण आडवाणी की वह बात याद आ रही है। 5 अप्रैल 2014 को उन्होंने नरेंद्र मोदी को एक शानदार इवेंट मैनेजर बताया था। जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रधानमंत्री इवेंट मैनेजमेंट ही कर रहे हैं।"
G20 देशों का ग्लोबल ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में करीब 85 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड में करीब 75 प्रतिशत से अधिक योगदान है। ये पूरी दुनिया की जनसंख्या का करीब दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
G20 के सदस्य देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके, अमेरिका और यूरोपीय शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय यूनियन (EU) भी इसके सदस्य हैं। ग्रुप के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में, भारत अगले महीने नई दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।