राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को हटाने के मकसद से विपक्ष के नोटिस में कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी घसीट लिया है। पार्टी ने बताया है कि कैसे धनखड़ ने अतीत में खुद को "RSS का एकलव्य" बताते हुए संघ की तारीफ की थी। कांग्रेस ने कहा है कि धनखड़ जिस पद पर हैं, ये उसके लिए अशोभनीय है। इसे सरकार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया मिली है, संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी आलोचना की। रिजिजू ने मंगलवार को कहा, “कांग्रेस की याचिका में एक प्वाइंट यह है कि धनखड़ ने RSS की तारीफ की है। RSS हमारे देश का गौरवशाली राष्ट्रवादी संगठन है। RSS की तारीफ करने में क्या गलत है?"
उन्होंने कहा, कोई भी भारत में किसी भी संगठन की प्रशंसा कर सकता है, जो "जेन्युइन है और अवैध नहीं है"। रिजिजू ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मुझे हैरानी है कि कैसे कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति के RSS के बारे में अच्छे शब्द कहने पर आपत्ति जताई है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस के पास कोई एजेंडा नहीं है और वह गांधी परिवार के साथ जॉर्ज सोरोस के संबंधों से बचने के लिए इस याचिका का इस्तेमाल ध्यान भटकाने वाली रणनीति के रूप में कर रही है।"
RSS को लेकर क्या बोले थे धनखड़?
दरअसल धनखड़ ने इस साल की शुरुआत में संसद में RSS का बचाव करते हुए कहा था कि संगठन की "बेदाग साख" है और वह "राष्ट्रीय सेवा" कर रहा है।
धनखड़ ने जुलाई में संसद सत्र के दौरान कहा, “मैं यह व्यवस्था देता हूं कि RSS एक ऐसा संगठन है, जिसके पास इस राष्ट्र की विकास यात्रा में भाग लेने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है। यह संगठन बेदाग साख रखता है, इसमें ऐसे लोग शामिल हैं, जो निस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
जगदीप धनखड़ ने RSS को "उच्चतम स्तर का वैश्विक थिंक टैंक" भी बताया।