मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सोमवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली विधानसभा में मंगलवार (21 मार्च) को वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट को पेश करने पर रोक लगा दी है। इससे आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और केंद्र के बीच टकराव का नया दौर शुरू हो सकता है। दिल्ली सरकार के सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केजरीवाल सरकार के बजट पर रोक लगा दी है और इसे मंगलवार को विधानसभा में पेश नहीं किया जाएगा।
‘न्यूज 18’ के कार्यक्रम में सोमवार को केजरीवाल ने केंद्र पर ‘सीधे-सीधे गुंडागर्दी’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि एक सरकार के बजट पर रोक लगा दी गई है। AAP ने इसका एक वीडियो ट्वीट किया है। आप ने केजरीवाल के हवाले से लिखा, "दिल्ली में कल बजट पेश नहीं होगा। भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कल Delhi Govt का Budget पेश होना था और आज शाम को केंद्र सरकार ने बजट पर रोक लगा दी है। सीधे-सीधे गुंडागर्दी चल रही है।"
उपराज्यपाल (LG) के कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, एलजी ने 2023-2024 के वार्षिक वित्तीय डिटेल्स को 9 मार्च को कुछ टिप्पणियों के साथ मंजूरी दी और फाइल मुख्यमंत्री को भेजी थी। इसके बाद दिल्ली सरकार ने गृह मंत्रालय को एक पत्र भेजकर राष्ट्रपति की स्वीकृति मांगी थी जो कानून के तहत जरूरी है।
गृह मंत्रालय ने 17 मार्च को दिल्ली सरकार को अपनी टिप्पणियों से अवगत कराया। एलजी कार्यालय मुख्यमंत्री की ओर से फाइल भेजे जाने का इंतजार कर रहा है। विधानसभा में बजट कब पेश किया जाएगा, इस पर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। विधानसभा का मौजूदा बजट सत्र 23 मार्च को समाप्त होने वाला है।
गृह मंत्रालय का कहना है कि दिल्ली के LG ने राजकोषीय हित के संबंध में प्रस्तावित बजट पर प्रशासनिक प्रकृति की कुछ चिंताओं को उठाया था। इस पर गृह मंत्रालय ने भी कुछ चिंताओं को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार से स्पष्टिकरण के साथ बजट को फिर से जमा करने का अनुरोध किया है। बीते चार दिनों से दिल्ली सरकार के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। सवाल यह कि यदि केंद्र सरकार ने कुछ बातों को लेकर 17 मार्च को ही स्पष्टिकरण मांगे थे तो दिल्ली सरकार ने अभी तक अपना जवाब केंद्र को क्यों नहीं भेजा?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केजरीवाल की ओर से केंद्र की आलोचना करने के बाद गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने AAP सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है क्योंकि उसके बजट प्रस्ताव में विज्ञापन के लिए अधिक आवंटन है। जबकि बुनियादी ढांचे और अन्य विकास पहलों के लिए अपेक्षाकृत कम राशि आवंटित है।
मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि AAP सरकार ने अब तक हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया है। वहीं, AAP सरकार के सूत्रों ने आरोपों को झूठ बताया है। उन्होंने दावा किया कि कुल बजट 78,800 करोड़ रुपये का है, जिसमें से 22,000 करोड़ रुपये बुनियादी ढांचे पर खर्च के लिए हैं और सिर्फ 550 करोड़ रुपये विज्ञापनों के लिए निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञापन के लिए आवंटन राशि पिछले साल के बजट के समान ही है।