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प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिश के बावजूद नहीं बंद हो पा रहा सांसद क्षेत्र विकास फंड

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 18, 2022 पर 7:05 AM
प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिश के बावजूद नहीं बंद हो पा रहा सांसद क्षेत्र विकास फंड
अधिकतर सांसद इस राशि 5 करोड़ रुपए से भी बहुत अधिक बढ़ा देने के पक्ष में हैं

सुरेंद्र किशोर

वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाले प्रशासनिक सुधार आयोग ने सांसद क्षेत्र विकास फंड को समाप्त कर देने की सिफारिश की थी। अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह सांसद फंड के सख्त खिलाफ थे। किंतु प्रधान मंत्री रहते समय वे भी उसे समाप्त नहीं कर सके। खबर है कि इस फंड की बुराइयों और कमियों से परिचित होने के बाद मौजूदा प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भी इस फंड को समाप्त कर देना चाहते हैं। इसको लेकर उन्होंने सासंदों की रायशुमारी भी करवाई है। अब देखना है कि मोदी जी इसे समाप्त कर पाते हैं या नहीं।

सांसदों के बीच इस पर परस्परविरोधी राय हैं। बल्कि सच पूछिए तो अधिकतर सांसद इसकी राशि पांच करोड़ रुपए से भी बहुत अधिक बढ़ा देने के पक्ष में हैं। लगता है कि इसी कारणवश मोदी सरकार को इस संबंध में निर्णय लेने में दिक्कत हो रही है। किंतु दूसरी तरफ से यह खबर आ रही है कि प्रशासन और राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ाने में इस फंड का बड़ा योगदान रहा है। इससे पहले CAG से लेकर अदालत तक और कुछ प्रमुख नेताओं से लेकर विषय के जानकार लोग तक इस फंड के खिलाफ समय -समय पर अपनी राय जाहिर करते रहे हैं। फिर भी यह विादास्पद फंड जारी है।

क्योंकि जारी रखने के लिए अधिकतर सांसदों का सरकार पर समय -समय पर भारी दबाव रहा है। अब भी है। बल्कि इसकी सालाना धनराशि पांच करोड़ रुपए से बढ़ा देने की अधिकतर सांसदों की ओर से लगातार मांग होती रही है। ऐसे फंड के प्रति अधिकतर जन प्रतिनिधियों के भारी आकर्षण का हाल यह है कि सन 2010 में विधायक फंड समाप्त कर देने के बावजूद नीतीश सरकार को फिर उसे चालू करना पड़ा। पी.वी.नरसिंह राव की सरकार ने सन 1993 में इस फंड की शुरूआत उस समय की थी जब तत्कालीन वित मंत्री मनमोहन सिंह विदेश दौरे पर थे।

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